Farrukhabad Flood: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसूनी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को फर्रुखाबाद पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानीं और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा की इस स्थिति में किसी भी जरूरतमंद परिवार को राहत और जरूरी सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। भोजन, दवा, आश्रय और अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
1000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दौरे के दौरान बाढ़ से प्रभावित 1000 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। इसके अलावा बाढ़ के कारण आश्रयहीन हुए परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और आपदा मोचक निधि के तहत राहत राशि भी प्रदान की गई।
राहत सामग्री वितरण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों से बातचीत की और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की भी समीक्षा की।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रभावित लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
102 गांव बाढ़ से प्रभावित
मुख्यमंत्री के मुताबिक, फर्रुखाबाद जिले के 102 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है और जरूरत के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
फर्रुखाबाद पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने बाबा नीम करौली की धरती को नमन किया। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश में भी कहा कि उनका दौरा बाढ़ प्रभावित परिवारों का हाल जानने और राहत कार्यों की स्थिति की समीक्षा करने के लिए है। उन्होंने कहा कि हर जरूरतमंद तक भोजन, दवा और अन्य जरूरी सामग्री समय पर पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
राहत कार्यों की लगातार निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान की लगातार निगरानी की जाए। प्रभावित लोगों के लिए भोजन, दवा और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ उनकी अन्य जरूरतों का भी ध्यान रखा जाए।
सरकार का फोकस इस समय प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने और बाढ़ के कारण पैदा हुई समस्याओं को कम करने पर है।
भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी बोले सीएम योगी
फर्रुखाबाद में राहत कार्यों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के रोजगार और सरकारी भर्ती प्रक्रिया का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया में एक विशेष समूह का प्रभाव रहता था।
सीएम योगी ने कहा कि युवाओं के भविष्य और रोजगार के साथ किसी को खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था का जिक्र
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की शुरुआत का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, नई व्यवस्था से प्रदेश के करीब 3.52 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि पहले आउटसोर्सिंग एजेंसियों के जरिए कर्मचारियों के पारिश्रमिक में कटौती की शिकायतें सामने आती थीं। नई व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारियों को निर्धारित पारिश्रमिक और अन्य लाभ पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल फर्रुखाबाद में प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से जारी रखना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरत के अनुसार प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।