Punjab News: पंजाब में फसली विविधता को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने बागवानी क्षेत्र पर फोकस बढ़ाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी यानी JICA के सहयोग से पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी है।

यह पहल करीब 1,300 करोड़ रुपये की परियोजना का हिस्सा है। इसका उद्देश्य बागवानी क्षेत्र का विस्तार करने के साथ-साथ उत्पादन से लेकर मार्केटिंग और बाजार तक पहुंच की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है।

फसली विविधता बढ़ाने पर सरकार का जोर

बागवानी विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य बागवानी के तहत आने वाले क्षेत्र का विस्तार करना और मजबूत वैल्यू चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए बागवानी फसलों को बढ़ावा देना है।

सरकार के मुताबिक, फसली विविधता बढ़ने से किसानों के लिए आय के नए विकल्प तैयार हो सकते हैं। इसके साथ ही किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने और पानी के संरक्षण के लिए टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

पंजाब में अभी कितनी जमीन बागवानी के तहत?

मुख्यमंत्री के मुताबिक, पंजाब में इस समय करीब 41.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र खेती के अधीन है। इसमें से 5.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बागवानी के तहत आता है और इससे करीब 106.10 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है।

पंजाब में बागवानी के तहत फलों, सब्जियों, मसालों, सुगंधित पौधों और फूलों की खेती के साथ मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन भी शामिल है। प्रमुख फलों में किन्नू और अमरूद, जबकि प्रमुख सब्जियों में आलू और मटर शामिल हैं।

2036 तक बागवानी का क्षेत्र बढ़ाने का लक्ष्य

JICA के सहयोग से प्रस्तावित परियोजना के तहत पंजाब में बागवानी का दायरा बड़े स्तर पर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने 2036 तक बागवानी के तहत क्षेत्र को 16 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया है।

परियोजना में मशीनरी, बुनियादी ढांचे, मार्केटिंग, बीज और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में निवेश पर जोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को पारंपरिक फसलों के अलावा अधिक लाभ देने वाली बागवानी फसलों की ओर बढ़ने में मदद मिल सकती है।

खेती से बाजार तक पूरी वैल्यू चेन मजबूत करने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता टिकाऊ बागवानी वैल्यू चेन तैयार करना है। इसके तहत बेहतर गुणवत्ता वाले पौधों और नर्सरियों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ किसानों को नई तकनीक और खेती की आधुनिक पद्धतियों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

कटाई के बाद फसलों के प्रबंधन, बाजार तक पहुंच, विस्तार सेवाओं और तकनीकी सहायता को मजबूत करने की भी योजना है। इससे बागवानी उत्पादों को बेहतर बाजार मिलने और किसानों के लिए अधिक लाभ की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

PAU में नॉलेज सेंटर की क्या भूमिका होगी?

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में बनने वाला हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर इस पूरी पहल में तकनीकी और संस्थागत सहायता का केंद्र होगा। इसके जरिए अनुसंधान, तकनीकी ज्ञान, क्षमता निर्माण और आधुनिक बागवानी पद्धतियों को अपनाने में किसानों और संबंधित क्षेत्र को मदद देने की योजना है।

सरकार के अनुसार, सेंटर का फोकस बेहतर पौध सामग्री से लेकर खेती, कटाई के बाद प्रबंधन, मार्केटिंग और बाजार पहुंच तक पूरे बागवानी इकोसिस्टम को मजबूत करने पर रहेगा।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस पहल से टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों के लिए बागवानी के क्षेत्र में आय के नए अवसर तैयार होंगे।

बैठक में पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, कृषि विभाग के सचिव अरशदीप सिंह थिंद समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।