उत्तर प्रदेश के कानपुर में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद सामने आया है। कानपुर कैंट विधानसभा (216) से विधायक हसन रूमी ने इस मामले में पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
धार्मिक भावनाएं आहत होने का लगाया आरोप
विधायक हसन रूमी ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर एक महिला द्वारा इस्लाम के अंतिम पैगंबर के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। उनका कहना है कि इन पोस्टों से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इससे सामाजिक सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पैदा हो सकती है।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच की मांग
विधायक ने पुलिस से अनुरोध किया है कि संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की तत्काल जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्रचलित कानून के तहत एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
'सभी धर्मों का सम्मान जरूरी'
हसन रूमी ने कहा कि भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति में सभी धर्मों और उनकी आस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, समाज में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।
पुलिस जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रार्थना पत्र मिलने के बाद पुलिस संबंधित आरोपों और उपलब्ध डिजिटल सामग्री की जांच करेगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।