उत्तराखंड के टिहरी जिले में पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। एसएसपी श्वेता चौबे के निर्देशन में टिहरी पुलिस और सीआईयू (Crime Intelligence Unit) की संयुक्त टीम ने विभिन्न क्षेत्रों से 147 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए।
पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये से अधिक है। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस टीम का आभार जताया और खुशी व्यक्त की।
सीआईयू कार्यालय में आयोजित हुआ मोबाइल वितरण कार्यक्रम
बरामद मोबाइल फोन लौटाने के लिए ढालवाला स्थित सीआईयू कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एसएसपी श्वेता चौबे ने कई लोगों को उनके मोबाइल फोन सौंपे।
अपना खोया हुआ मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी प्रयासों की सराहना की।
तकनीकी सर्विलांस से मिली सफलता
एसएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि गुम मोबाइल फोन की बरामदगी एक जटिल और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसके लिए पुलिस टीम ने लगातार तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल ट्रैकिंग का सहारा लिया।
उन्होंने कहा कि पुलिस के लगातार प्रयासों और टीमवर्क की बदौलत बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद किए जा सके।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
मोबाइल बरामदगी अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने पर एसएसपी ने सीआईयू टीम और अभियान की निगरानी करने वाले अधिकारियों की सराहना की।
उन्होंने पूरी टीम को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए नकद पुरस्कार देने की भी घोषणा की।
चारधाम यात्रियों के मोबाइल भी लौटाए गए
एसएसपी ने बताया कि बरामद मोबाइलों में कई फोन ऐसे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के भी थे, जो दूसरे राज्यों से चारधाम यात्रा पर उत्तराखंड आए थे और यात्रा के दौरान उनके मोबाइल गुम हो गए थे।
इन मामलों में पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के बाद मोबाइल फोन बरामद किए और संबंधित यात्रियों के गृह राज्यों में कूरियर के माध्यम से सुरक्षित भेज दिए। पुलिस के इस प्रयास के लिए कई यात्रियों ने धन्यवाद भी दिया।
लोगों से पुलिस की अपील
टिहरी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें और आवश्यक विवरण उपलब्ध कराएं। समय पर शिकायत दर्ज होने से तकनीकी माध्यमों से मोबाइल की बरामदगी की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस का कहना है कि आगे भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे, ताकि लोगों की खोई हुई संपत्ति उन्हें वापस दिलाई जा सके।