राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर हलचल तेज हो गई है। पूर्व अध्यक्ष यूआर साहू का कार्यकाल 19 जून को समाप्त होने के बाद आयोग का शीर्ष पद खाली हो गया है। ऐसे में राज्य सरकार नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर मंथन में जुटी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, आरपीएससी नया अध्यक्ष (RPSC New Chairman) चुनने के लिए चार वरिष्ठ अधिकारियों के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इनमें दो वर्तमान में कार्यरत और दो सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
फिलहाल केसरी सिंह राठौड़ संभाल रहे जिम्मेदारी
स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक आयोग के वरिष्ठ सदस्य लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह राठौड़ को कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके नेतृत्व में आयोग की नियमित प्रशासनिक और भर्ती संबंधी गतिविधियां जारी हैं।
हालांकि, सरकार स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द से जल्द करना चाहती है ताकि आगामी भर्तियों की प्रक्रिया प्रभावित न हो।
RAS भर्ती-2026 के कारण बढ़ी जल्दबाजी
आरपीएससी नया अध्यक्ष (RPSC New Chairman) नियुक्त करने के पीछे सबसे बड़ी वजह आगामी भर्ती परीक्षाएं मानी जा रही हैं। आने वाले समय में आरएएस भर्ती-2026 समेत कई बड़ी भर्तियों की प्रक्रिया शुरू होनी है।
इसके अलावा विभिन्न विभागों में लंबित और प्रस्तावित भर्तियों को भी तय समय पर पूरा करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। ऐसे में आयोग में नियमित अध्यक्ष का होना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अनुभवी और साफ छवि वाले अधिकारी की तलाश
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ऐसे अधिकारी की तलाश कर रही है, जिसके पास लंबा प्रशासनिक अनुभव हो और जो भर्ती प्रक्रियाओं की जटिलताओं को बेहतर ढंग से समझता हो।
पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक से जुड़े मामलों के कारण आयोग की कार्यप्रणाली लगातार चर्चा में रही है। ऐसे में नए अध्यक्ष के सामने आयोग की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को और मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
दिल्ली से जयपुर तक तेज हुई लॉबिंग
अध्यक्ष पद को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से लेकर जयपुर तक कई नामों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
हालांकि, अंतिम फैसला मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के स्तर पर होना है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ऐसे अधिकारी के नाम पर मुहर लगाना चाहते हैं, जिसकी प्रशासनिक छवि बेदाग रही हो और जिसे सुशासन तथा भर्ती प्रक्रियाओं का व्यापक अनुभव हो।
सरकार की कोशिश है कि नई नियुक्ति के जरिए आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सकारात्मक संदेश दिया जाए।
लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदों से जुड़ा है आयोग
राजस्थान लोक सेवा आयोग राज्य की सबसे बड़ी भर्ती एजेंसी है। आयोग के माध्यम से आरएएस, शिक्षा विभाग, तकनीकी सेवाओं और विभिन्न सरकारी विभागों में भर्ती परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है।
हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी इन परीक्षाओं में हिस्सा लेते हैं और उनका भविष्य आयोग की पारदर्शी एवं समयबद्ध कार्यप्रणाली पर निर्भर करता है। ऐसे में आरपीएससी नया अध्यक्ष (RPSC New Chairman) कौन होगा, इस पर अभ्यर्थियों की भी नजरें टिकी हुई हैं।
क्या कहते हैं संवैधानिक प्रावधान?
संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। अध्यक्ष का कार्यकाल छह वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, तक निर्धारित होता है।
ऐसे में अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि नए अध्यक्ष की नियुक्ति आयोग की कार्यप्रणाली और आगामी भर्ती परीक्षाओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।