Rajasthan Mineral Block Auction : खनन क्षेत्र में राजस्थान ने एक नई उपलब्धि दर्ज करने का दावा किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार का कहना है कि प्रमुख खनिजों के 141 ब्लॉकों की ई-नीलामी पूरी होने के साथ राजस्थान इस मामले में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। सरकार का मानना है कि नई नीलामी व्यवस्था ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ निवेश को भी गति दी है।
राज्य के खान एवं भूविज्ञान विभाग के मुताबिक, पिछले ढाई वर्षों में ई-नीलामी की प्रक्रिया में तेजी आई है। इसका असर यह हुआ कि पहले जहां खनिज ब्लॉकों की नीलामी सीमित संख्या में हो रही थी, वहीं अब रिकॉर्ड स्तर पर ब्लॉक आवंटित किए जा रहे हैं।
Rajasthan Mineral Block Auction: ढाई वर्षों में 102 नए ब्लॉकों की नीलामी, इस साल 55 का लक्ष्य
खान एवं भूविज्ञान विभाग के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में 102 मेजर मिनरल ब्लॉकों की ई-नीलामी पूरी की गई। विभाग का कहना है कि नई नीलामी व्यवस्था लागू होने से पहले दिसंबर 2023 तक केवल 39 ब्लॉकों की ही नीलामी हुई थी।
चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती साढ़े तीन महीनों में ही 14 नए खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी पूरी हो चुकी है। सरकार ने पूरे वित्तीय वर्ष में 55 ब्लॉकों की नीलामी का लक्ष्य रखा है।
लाइमस्टोन से लेकर रेयर अर्थ तक कई अहम खनिज शामिल
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 101 लाइमस्टोन, 13 आयरन ओर, 8 बेस मेटल और 4 रेयर अर्थ एलिमेंट सहित कई महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि इससे खनन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ नए निवेश के अवसर भी पैदा हुए हैं।
पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया होगी तेज
खनन परियोजनाओं को समय पर शुरू कराने के लिए खान एवं भूविज्ञान विभाग ने पोस्ट-ऑक्शन फैसिलिटेशन सेल का गठन किया है। विभाग के अनुसार, इसका उद्देश्य पर्यावरण मंजूरी और अन्य जरूरी अनुमतियों की प्रक्रिया को तेज करना है, ताकि सफल बोली लगाने वाली कंपनियां जल्द काम शुरू कर सकें।
सरकार का दावा, बढ़ा निवेश और रोजगार
राज्य सरकार का कहना है कि ई-नीलामी व्यवस्था लागू होने के बाद अवैध खनन पर नियंत्रण लगाने में मदद मिली है। इसके साथ ही निवेश आकर्षित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और राज्य के राजस्व में वृद्धि होने का भी दावा किया गया है।
सरकार के अनुसार, राजस्थान उन राज्यों में शामिल है जहां खनिज ब्लॉक की पहचान, उसकी तैयारी और ई-नीलामी तक की पूरी प्रक्रिया खान एवं भूविज्ञान विभाग स्वयं संचालित करता है। इससे प्रशासनिक खर्च कम होने और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिली है।
फिलहाल सरकार का फोकस तय लक्ष्य के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में 55 और खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी करने पर है। यदि यह लक्ष्य हासिल होता है, तो राज्य में खनन क्षेत्र से जुड़े निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है।