पंजाब में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव आयोग के निर्देश पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन शुरू कर दिया है। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक सटीक बनाना है।

इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने SIR अभियान से जुड़े एक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर लोगों से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए, जबकि किसी भी अपात्र या फर्जी नाम को शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

'किसी योग्य मतदाता का वोट न छूटे'

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान SIR के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे और लोगों को इस अभियान की अहमियत बताई।

उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को मतदाता सूची के सत्यापन में सहयोग करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अपील की कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी वास्तविक और पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे तथा कोई फर्जी नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की 'माँ-बेटी सत्कार योजना' शुरू होने पर भी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।

क्या है SIR प्रक्रिया?

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision-SIR) चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर चलाया जाने वाला विशेष अभियान है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और उसमें मौजूद त्रुटियों को दूर करना होता है।

इस प्रक्रिया के तहत:

  • घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाता है।
  • मृत या स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं।
  • पात्र नए मतदाताओं का पंजीकरण किया जाता है।
  • मतदाताओं को अपने दस्तावेजों में सुधार या जानकारी अपडेट कराने का अवसर दिया जाता है।

इस अभियान के माध्यम से चुनाव आयोग मतदान सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने का प्रयास करता है।

विधानसभा चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक गतिविधियां

पंजाब में अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार जनसभाओं और सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं, जबकि पार्टी के मंत्री, विधायक और संगठन के पदाधिकारी भी विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय नजर आ रहे हैं।

ऐसे समय में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान चुनावी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव के समय प्रत्येक पात्र मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सके और मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन हो।