नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन करते हुए देश की एकता, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तीकरण और गरीबों के कल्याण समेत कई मुद्दों पर बात की।
राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ ही घंटों में देश की स्वतंत्रता के 80वें वर्ष की शुरुआत होगी। उन्होंने आधुनिक भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आधुनिक और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
तिरंगा हमारी स्वाधीनता का प्रतीक
राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगे के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले वीरों और सेनानियों को याद करते हुए कहा कि आजादी देशवासियों के लंबे संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। स्वतंत्रता की इस विरासत को आगे बढ़ाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
सरदार पटेल को बताया एकता का शिल्पकार
राष्ट्रपति ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को विशेष रूप से याद किया।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में राष्ट्रीय एकीकरण भी शामिल था। सरदार पटेल ने इस चुनौती का सामना करते हुए देश की एकता को मजबूत आधार दिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत आज आधुनिक और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में समाज के हर वर्ग और प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी किया जिक्र
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की भारतीय सशस्त्र सेनाओं की क्षमता को प्रदर्शित किया।
उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए भारतीय जवानों के साहस और समर्पण की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
राष्ट्रीय एकता और सामाजिक न्याय पर जोर
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने सामाजिक न्याय, महिला सशक्तीकरण और गरीबों के कल्याण से जुड़े प्रयासों को भी देश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
विकसित भारत की यात्रा में हर नागरिक की भूमिका
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत के विकास की यात्रा केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। देश को आगे बढ़ाने में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस को देश की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का अवसर बताया।