चंडीगढ़ : बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं की लागत के बीच पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना (Mukhyamantri Sehat Yojana) राज्य के लाखों परिवारों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। भगवंत मान सरकार की इस योजना के तहत अब तक लाखों लोगों को मुफ्त और कैशलेस इलाज का लाभ मिल चुका है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने योजना के प्रभाव की जानकारी देते हुए बताया कि इसके लागू होने के पांच महीने के भीतर 2,26,822 से अधिक मरीजों का 3,65,340 उपचार प्रक्रियाओं के माध्यम से इलाज किया गया है। इन उपचारों पर कुल 632.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

22 लाख परिवारों को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा कवरेज

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक 46.21 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड पंजीकृत किए जा चुके हैं। इसके माध्यम से राज्य के लगभग 22 लाख परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना हर पात्र नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

बिना प्रीमियम के मिल रहा स्वास्थ्य बीमा जैसा लाभ

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सेहत योजना और निजी स्वास्थ्य बीमा के बीच सबसे बड़ा अंतर यह है कि लाभार्थियों को किसी प्रकार का वार्षिक प्रीमियम नहीं देना पड़ता।

जहां निजी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में हर साल प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है और उम्र बढ़ने के साथ इसकी लागत भी बढ़ती जाती है, वहीं मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पात्र परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य कवरेज उपलब्ध कराया जाता है।

2300 से अधिक उपचार पैकेज शामिल

मुख्यमंत्री सेहत योजना (Mukhyamantri Sehat Yojana) के तहत 2,300 से ज्यादा उपचार पैकेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें कैंसर का इलाज, हृदय रोगों का उपचार, डायलिसिस, इंटेंसिव केयर सेवाएं और अन्य विशेष चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि निजी बीमा योजनाओं में जहां कवरेज पॉलिसी और प्रीमियम पर निर्भर करता है, वहीं इस योजना के तहत सभी पात्र लाभार्थियों को समान सुविधाएं दी जाती हैं।

पहले दिन से मिलती है पुरानी बीमारियों की कवरेज

इस योजना की एक बड़ी खासियत यह भी है कि लाभार्थियों को पहले दिन से ही प्री-एक्जिस्टिंग बीमारियों का कवरेज मिल जाता है।

निजी बीमा कंपनियां आमतौर पर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी बीमारियों के लिए दो से चार साल तक की वेटिंग पीरियड लागू करती हैं। लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पुराने मेडिकल रिकॉर्ड की परवाह किए बिना तुरंत इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी फायदेमंद

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी काफी लाभकारी साबित हो रही है। निजी बीमा योजनाओं में बुजुर्गों को अधिक प्रीमियम और सीमित कवरेज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जबकि इस योजना में उन्हें बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के समान स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

850 अस्पतालों में उपलब्ध है सुविधा

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब के 850 सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इनमें सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी स्वास्थ्य संस्थान भी शामिल हैं।

यह योजना मुख्य रूप से कैशलेस और पेपरलेस व्यवस्था पर आधारित है, जिससे मरीजों को कम दस्तावेजों के साथ इलाज की सुविधा मिलती है और उन्हें प्रतिपूर्ति की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता।

सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को बनाना आसान और किफायती

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी व्यक्ति की आर्थिक क्षमता पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। सरकार लगातार योजना के दायरे का विस्तार कर रही है, ताकि कोई भी परिवार इलाज और आर्थिक सुरक्षा के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर न हो।

उन्होंने कहा कि योजना को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन इस बात का संकेत है कि लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता है। राज्य सरकार भविष्य में भी इस योजना को और मजबूत करने की दिशा में काम करती रहेगी।