पंजाब सरकार ने महिलाओं के लिए शुरू की गई 'मावा धीयां सत्कार योजना' के तहत लाभार्थियों के खातों में वित्तीय सहायता राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की सहायता दे रही है। शुरुआती चरण में तीन महीने की राशि एक साथ जारी की जा रही है।

हालांकि योजना की शुरुआत के साथ ही इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सरकार पर चुनाव से पहले महिलाओं को लुभाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि यह कदम वादा पूरा करने के बजाय एक चुनावी रणनीति जैसा दिखाई देता है।

'साढ़े चार साल बाद भी पूरा नहीं हुआ वादा'

आईएएनएस से बातचीत में केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार बनने पर 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये देने का वादा किया था। उनका आरोप है कि सरकार बनने के कई वर्ष बाद भी यह वादा समय पर लागू नहीं किया गया।

ढिल्लों ने कहा कि पहले दावा किया गया था कि अप्रैल से योजना का पंजीकरण शुरू होगा और अप्रैल, मई तथा जून की राशि एक साथ महिलाओं के खातों में भेजी जाएगी। लेकिन सरकार के हालिया विज्ञापनों में जुलाई, अगस्त और सितंबर की राशि जारी करने की बात कही गई है। उनके अनुसार, विधानसभा चुनाव से पहले यह घोषणा केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है।

बिजली और मानसून तैयारियों पर भी उठाए सवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य की बिजली व्यवस्था को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुफ्त बिजली का दावा करने वाली सरकार के कार्यकाल में कई क्षेत्रों में लंबे बिजली कट देखने को मिल रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मानसून के मद्देनजर राज्य सरकार ने पर्याप्त तैयारियां नहीं की हैं और लोगों को संभावित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

भाजपा ने सरकार बनने पर वादे पूरे करने का किया दावा

केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि यदि भविष्य में पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है तो महिलाओं से किए गए सभी वादों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा। उनका दावा है कि भाजपा जिन राज्यों में सत्ता में आई है, वहां चुनावी घोषणाओं को तय समय में लागू किया गया है।

भाजपा का सोशल मीडिया पर भी हमला

पंजाब भाजपा ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर भी राज्य सरकार की आलोचना की। पार्टी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के दो महीने के भीतर 1.3 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में हर महीने 3,000 रुपये की सहायता राशि भेजने की शुरुआत कर दी गई।

भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब में महिलाओं से किए गए वादे लंबे समय तक अधूरे रहे और अब चुनाव नजदीक आने पर सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। पार्टी ने मांग की कि यदि सरकार वास्तव में अपने वादे के प्रति गंभीर है तो पात्र महिलाओं को पिछले 51 महीनों की बकाया राशि भी एकमुश्त दी जाए।

सरकार की योजना क्या है?

पंजाब सरकार के अनुसार, 'मावा धीयां सत्कार योजना' के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। शुरुआती चरण में तीन महीने की राशि एक साथ लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

आगे क्या?

महिला सहायता योजना को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। एक ओर सरकार इसे अपनी बड़ी सामाजिक कल्याण पहल बता रही है, वहीं विपक्ष इसके समय और क्रियान्वयन पर सवाल उठा रहा है। आने वाले महीनों में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में प्रमुख चुनावी विषय बन सकता है।