Maharashtra Operation Tiger : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर शिवसेना के दोनों गुटों के बीच सियासी हलचल तेज होने की चर्चा है. दावा किया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी के 14 विधायक एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के संपर्क में हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.

सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि इस संभावित राजनीतिक बदलाव को ‘ऑपरेशन टाइगर’ नाम दिया गया है और नवरात्रि से पहले इसे पूरा करने की कोशिश की जा सकती है. अगर यह दावा सही साबित होता है तो उद्धव ठाकरे गुट के लिए यह बड़ा राजनीतिक झटका हो सकता है.

मंत्रालय और निगम पदों को लेकर बातचीत की चर्चा

दावे के मुताबिक, शिंदे गुट में जाने की इच्छा रखने वाले कुछ विधायकों ने सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों की मांग रखी है. इनमें मंत्रालय और कैबिनेट स्तर के पदों की मांग शामिल होने की बात कही जा रही है.

वहीं कुछ अन्य विधायकों के लिए निगमों और महामंडलों में अध्यक्ष पद या राज्य मंत्री स्तर की जिम्मेदारी को लेकर बातचीत चलने का दावा किया गया है. हालांकि, इन संभावित नियुक्तियों या किसी समझौते की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है.

शिंदे और श्रीकांत शिंदे की भूमिका को लेकर भी चर्चा

सूत्रों के हवाले से यह दावा भी किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद श्रीकांत शिंदे ने इस राजनीतिक कवायद की जिम्मेदारी महाराष्ट्र के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े कुछ वरिष्ठ नेताओं को दी है.

कोंकण, मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र में संगठनात्मक स्तर पर संपर्क साधे जाने की बात कही जा रही है. इसी बीच एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात को भी इन अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है.

हालांकि, किसी विधायक के शिंदे गुट में शामिल होने की औपचारिक घोषणा या इस कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं है.

उद्धव ठाकरे गुट के सामने क्या चुनौती है?

महाराष्ट्र विधानसभा में उद्धव ठाकरे गुट के विधायकों की संख्या सीमित है. ऐसे में अगर पार्टी के भीतर बड़े पैमाने पर विधायकों के पाला बदलने की स्थिति बनती है तो इसका सीधा असर विधानसभा में गुट की राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक स्थिति पर पड़ सकता है.

इसी वजह से 14 विधायकों के कथित संपर्क में होने की खबर ने महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा बढ़ा दी है. हालांकि, अंतिम तस्वीर विधायकों के आधिकारिक फैसले और सार्वजनिक घोषणा के बाद ही साफ होगी.

उद्धव ठाकरे ने पार्टी नेताओं को किया सतर्क

विधायकों के संभावित पाला बदलने की खबरों के बीच उद्धव ठाकरे ने मातोश्री में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में शामिल विधायक महेश सावंत के मुताबिक, ठाकरे ने पार्टी के विधायकों और नगरसेवकों को सतर्क रहने का निर्देश दिया.

सावंत के अनुसार, उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर शिंदे गुट से जुड़ा कोई व्यक्ति राजनीतिक प्रस्ताव लेकर फोन करता है तो बातचीत की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए.

सावंत ने यह भी दावा किया कि पार्टी के वफादार विधायक और कार्यकर्ता ठाकरे गुट के साथ बने हुए हैं.

पहले भी हो चुका है बड़ा राजनीतिक फेरबदल

उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच राजनीतिक टकराव नया नहीं है. शिवसेना में विभाजन के बाद दोनों गुटों के बीच संगठन, चुनाव चिह्न और राजनीतिक विरासत को लेकर लंबे समय से संघर्ष जारी रहा है.

आपके उपलब्ध इनपुट के मुताबिक, जून 2026 में उद्धव गुट के छह सांसदों के शिंदे गुट में जाने और इसके बाद एक एमएलसी के पाला बदलने का दावा किया गया है. इन घटनाओं के बाद अब विधायकों को लेकर सामने आ रही अटकलों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है.

फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि 14 विधायकों के शिंदे गुट के संपर्क में होने का दावा आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है. इसी तरह ‘ऑपरेशन टाइगर’ की समयसीमा और संभावित राजनीतिक समझौते को लेकर भी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है.

अगर आने वाले दिनों में कोई विधायक औपचारिक रूप से गुट बदलने की घोषणा करता है, तभी इन दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी. महाराष्ट्र की राजनीति में फिलहाल नजर इस बात पर है कि उद्धव ठाकरे गुट के भीतर चल रही इन अटकलों का अगला राजनीतिक कदम क्या होता है.