Nepal Flash Flood: नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। इस बीच तमिलनाडु के पांच तीर्थयात्री सुरक्षित भारत लौट आए हैं। ये सभी नेपाल में फंसे हुए थे और मंगलवार को दिल्ली से चेन्नई पहुंचे। चेन्नई एयरपोर्ट पर तमिलनाडु के मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री डी. सरथकुमार ने उनका स्वागत किया और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
मंत्री के मुताबिक, कैलाश यात्रा पर गए तमिलनाडु समेत कई राज्यों के भारतीय नागरिक नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण फंस गए थे। सुरक्षित लौटे पांच तीर्थयात्रियों में तीन मदुरै और दो चेन्नई जिले के रहने वाले हैं।
कैलाश यात्रा पर गए थे तीर्थयात्री
बाढ़ में फंसे तीर्थयात्रियों में से एक ने बताया कि जब नेपाल में आपदा आई, उस समय वे माउंट कैलाश के पास थे। चीन की सीमा के नजदीक होने के कारण शुरुआत में उन्हें आपदा की गंभीरता का अंदाजा नहीं था।
तीर्थयात्री ने बताया कि बाहर आने के बाद उन्हें तबाही के बड़े पैमाने का पता चला। उन्होंने सुरक्षित वापसी के लिए तमिलनाडु सरकार का आभार जताया।
नेपाल से अब तक 163 भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल के आपदा प्रभावित इलाकों से अब तक 163 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि 151 भारतीय नागरिक सोमवार को नेपाल से चीन के लिए रवाना हुए।
नेपाल में राहत अभियान के बीच भारत सरकार लगातार अपने नागरिकों की स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरत के मुताबिक उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
नेपाल में मरने वालों की संख्या 1,050 पहुंची
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण की शाम छह बजे तक की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, फ्लैश फ्लड और इससे जुड़ी आपदा में मृतकों की संख्या 1,050 पहुंच गई है।
सबसे ज्यादा मानव अवशेष चितवन और नवलपरासी पूर्व के प्रभावित इलाकों से बरामद हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार चितवन में 321, नवलपरासी पूर्व में 216, नवलपरासी पश्चिम में 170 और नुवाकोट में 142 मानव अवशेष दर्ज किए गए हैं।
इसके अलावा गोरखा में 65, धादिंग में 57, रसुवा में 41 और तनहुन में 38 मानव अवशेष बरामद किए गए हैं।
करीब 3,916 लोग अभी भी लापता
आपदा के बाद करीब 3,916 लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों के साथ-साथ कस्टम, इमिग्रेशन, हाइड्रोपावर परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी और विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
नेपाल में राहत और बचाव दल लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। कई प्रभावित इलाकों में पहुंचना अभी भी चुनौती बना हुआ है।
करीब 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया
नेपाल की आपदा प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 11,993 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
नेपाल सेना के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर हवाई राहत अभियान चलाया जा रहा है। अब तक कुल 610 उड़ानें संचालित की गई हैं। इनमें अकेले एक सितंबर को 84 उड़ानें शामिल हैं।
इन हवाई अभियानों के जरिए 4,091 नेपाली नागरिकों और 273 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है। इसके अलावा काठमांडू से निजी क्षेत्र की उड़ानों ने भी राहत अभियान में योगदान दिया है।
भारत समेत कई देशों के नागरिक प्रभावित
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा से बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ विदेशी नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। कैलाश यात्रा और अन्य धार्मिक यात्राओं पर नेपाल पहुंचे कई भारतीय नागरिक भी अलग-अलग इलाकों में फंस गए थे।
तमिलनाडु के पांच तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी ऐसे समय हुई है, जब नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। आने वाले समय में लापता लोगों की तलाश और फंसे हुए विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकालना राहत एजेंसियों की बड़ी प्राथमिकता रहेगी।