Jharkhand News : झारखंड के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में आयोजित होने वाले श्रावणी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 30 जुलाई से शुरू होने वाले इस धार्मिक आयोजन में देशभर से लाखों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं।
हर साल उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत कई राज्यों से श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इसी वजह से श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है।
Jharkhand News: झारखंड टूरिज्म ने क्या कहा?
झारखंड पर्यटन विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर श्रावणी मेले को लेकर जानकारी साझा की है। विभाग ने अपने संदेश में कहा कि 30 जुलाई से बाबा बैद्यनाथ धाम को समर्पित पावन श्रावणी मेला शुरू होगा और देवघर एक बार फिर 'बोल बम' के जयघोष से गूंज उठेगा। पर्यटन विभाग ने इसे आस्था, भक्ति और उत्साह का महापर्व बताया है।
करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
श्रावण मास शुरू होते ही देवघर में श्रद्धालुओं का आगमन तेज हो जाता है। प्रशासन का अनुमान है कि मेले के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से करोड़ों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं के लिए सरकार की विशेष तैयारियां
मेले के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की हैं। इनमें प्रमुख रूप से
- संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती।
- मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी।
- स्वास्थ्य शिविर, एंबुलेंस और मेडिकल टीम की उपलब्धता।
- पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थलों की पर्याप्त व्यवस्था।
- ट्रैफिक और पार्किंग प्रबंधन के लिए विशेष योजना।
- पूरे मेला क्षेत्र में सफाई और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश।
देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है श्रावणी मेला
देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। श्रावण मास में यहां लगने वाला मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। लाखों कांवड़िए सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर करीब 100 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं।