IIT Bombay Anti-Discrimination Guidelines: IIT बॉम्बे ने कैंपस में जाति और सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव रोकने के लिए अपने एंटी-डिस्क्रिमिनेशन दिशा-निर्देशों को फिर से चर्चा में ला दिया है। संस्थान ने छात्रों, फैकल्टी और स्टाफ को सलाह दी है कि वे किसी छात्र से उसकी जाति, जन्म श्रेणी, एडमिशन कैटेगरी, JEE Advanced रैंक या GATE स्कोर न पूछें। संस्थान के अनुसार, ऐसे सवाल जिज्ञासावश पूछे जाने पर भी पूर्वाग्रह पैदा कर सकते हैं और दूसरे छात्र पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। यह मामला छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के बाद कैंपस में छात्र कल्याण और भेदभाव को लेकर उठे सवालों के बीच सामने आया है।
IIT बॉम्बे ने क्या निर्देश दिए?
IIT बॉम्बे के डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स कार्यालय की ओर से भेजे गए ईमेल में कैंपस में समावेशी माहौल बनाने पर जोर दिया गया है। निर्देशों के अनुसार, किसी छात्र से उसकी जन्म या प्रवेश श्रेणी पूछना अनुचित है, क्योंकि इससे उसके प्रति जानबूझकर या अनजाने में पूर्वाग्रह पैदा हो सकता है।
संस्थान ने यह भी कहा कि JEE Advanced की रैंक, GATE स्कोर या ऐसी दूसरी जानकारी पूछने से बचना चाहिए, जिससे किसी छात्र की जाति या सामाजिक पृष्ठभूमि का पता चल सकता हो।
IIT बॉम्बे का उद्देश्य है कि सभी छात्रों को जाति, धर्म और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से अलग समान अवसर मिलें। संस्थान ने संविधान की आरक्षण नीति को लागू करने और कैंपस में भेदभाव रोकने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है।
JEE रैंक और GATE स्कोर पूछना क्यों अनुचित?
JEE Advanced और GATE जैसी परीक्षाओं के स्कोर या रैंक आमतौर पर छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों से जुड़े होते हैं। लेकिन कुछ परिस्थितियों में ऐसे सवालों का इस्तेमाल किसी छात्र की प्रवेश श्रेणी या जातिगत पृष्ठभूमि का अनुमान लगाने के लिए किया जा सकता है।
IIT बॉम्बे के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सवाल पूछने वाले का इरादा भले ही केवल जानकारी हासिल करना हो, लेकिन इससे सामने वाले छात्र को असहज महसूस हो सकता है। ऐसे सवाल उसके साथ अलग व्यवहार करने या उसके बारे में गलत धारणा बनाने की वजह बन सकते हैं।
इसीलिए संस्थान ने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को आपसी बातचीत में संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी है। इसका उद्देश्य कैंपस में ऐसा माहौल बनाना है, जहां छात्र अपनी जाति या सामाजिक पृष्ठभूमि के कारण किसी तरह का दबाव महसूस न करें।
जातिवादी और अपमानजनक मैसेज भेजने पर भी रोक
दिशा-निर्देशों में केवल बातचीत ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन संदेशों और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी स्पष्ट नियम हैं। जातिवादी, नफरत फैलाने वाले, लैंगिक भेदभाव वाले या धार्मिक पूर्वाग्रह से जुड़े संदेश और मजाक साझा करने पर रोक है।
यह प्रतिबंध व्हाट्सऐप, फेसबुक, ईमेल और व्यक्तिगत बातचीत सहित विभिन्न माध्यमों पर लागू होता है। किसी संदेश या मजाक को उत्पीड़न या बुलिंग की श्रेणी में माना जा सकता है।
संस्थान ने चेतावनी दी है कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसका उद्देश्य छात्रों को अपमान, उत्पीड़न और भेदभाव से सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
छात्रों को दोस्ती के लिए क्या सलाह दी गई?
IIT बॉम्बे ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आपसी संबंध बनाने के लिए साझा रुचियों को प्राथमिकता दें। इसमें पढ़ाई और विभाग, खेल, संगीत, फिल्में, शौक और अपने शहर या गांव जैसे विषय शामिल हैं।
संस्थान का मानना है कि ऐसी बातचीत छात्रों को एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझने में मदद कर सकती है। इससे जाति, धर्म या सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आधार पर पहचान बनाने के बजाय साझा अनुभवों और रुचियों पर आधारित संबंध विकसित हो सकते हैं।
यह निर्देश कैंपस में विविधता और समानता को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
साहिल वाकोड़े की मौत के बाद क्यों बढ़ी चर्चा?
IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की 18 सितंबर 2026 को हॉस्टल के कमरे में मौत हो गई थी। इसके बाद कैंपस में छात्र कल्याण और संस्थान में शिकायतों के समाधान की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे।
रिपोर्टों के मुताबिक, साहिल के परिवार ने एक फैकल्टी सदस्य पर जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की जांच और उनसे जुड़ी कानूनी प्रक्रिया को अंतिम निष्कर्ष से अलग समझना जरूरी है। किसी आरोप को अदालत या जांच एजेंसी की पुष्टि के बिना साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।
घटना के बाद छात्रों ने संस्थान के मुख्य द्वार पर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रशासन से सीधे बातचीत करने और छात्र कल्याण से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग की।
इस पृष्ठभूमि में एंटी-डिस्क्रिमिनेशन दिशा-निर्देशों को लेकर फिर चर्चा शुरू हुई है। कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि केवल ईमेल जारी करने के बजाय प्रशासन को उनकी शिकायतों पर संवाद और कार्रवाई करनी चाहिए।
क्या IIT बॉम्बे में ये नियम पहली बार लागू हुए हैं?
यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य समझना जरूरी है। IIT बॉम्बे की आधिकारिक वेबसाइट पर एंटी-डिस्क्रिमिनेशन दिशा-निर्देशों का एक संस्करण 31 जुलाई 2023 से दर्ज है। उसमें भी छात्रों से जाति, प्रवेश श्रेणी, JEE Advanced रैंक या GATE स्कोर पूछने को अनुचित बताया गया था।
इसलिए अक्टूबर 2026 में इन निर्देशों की चर्चा को पूरी तरह नए नियमों की शुरुआत बताने के बजाय पुराने दिशा-निर्देशों को दोहराने या फिर से लागू करने के संदर्भ में समझना अधिक सटीक है। हालिया ईमेल और संस्थान की प्रतिक्रिया कैंपस में छात्र कल्याण को लेकर चल रही बहस के बीच आई है।
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