संतोष कुमार ठाकुर / समस्तीपुर : बिहार के समस्तीपुर जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मानव तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छह नाबालिग बच्चों को बाल श्रम के लिए गुजरात ले जाए जाने से बचा लिया। इस कार्रवाई के दौरान बच्चों के साथ यात्रा कर रहे एक कथित तस्कर को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी के हवाले कर दिया गया।

आरपीएफ की इस कार्रवाई को बाल तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध हालत में मिले बच्चे

आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक के निर्देशन में बुधवार शाम समस्तीपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम की नजर छह नाबालिग बच्चों पर पड़ी, जो डरे-सहमे और असहज दिखाई दे रहे थे।

संदेह होने पर अधिकारियों ने बच्चों से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की। बातचीत के दौरान बच्चों ने बताया कि उनके साथ मौजूद व्यक्ति उन्हें काम दिलाने के नाम पर गुजरात ले जा रहा था।

पूछताछ में सामने आई बाल श्रम की साजिश

आरपीएफ के अनुसार, बच्चों के साथ मौजूद व्यक्ति की पहचान मो. फिरदौश (29), निवासी सकरा, मुजफ्फरपुर के रूप में हुई।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बच्चों को गुजरात स्थित अंगूठी और बाली बनाने वाले कारखानों में काम कराने के लिए ले जा रहा था। बच्चों को वहां करीब 6,000 रुपये प्रतिमाह मजदूरी देने की बात कही गई थी।

आरोपी गिरफ्तार, बच्चों को सुरक्षित किया गया

प्राथमिक पूछताछ के बाद आरपीएफ ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। वहीं सभी छह बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।

आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी, बच्चों और जब्त दस्तावेजों को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी समस्तीपुर को सौंप दिया गया है।

सभी बच्चे मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले

आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, मुक्त कराए गए सभी छह बच्चे मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न इलाकों के रहने वाले हैं। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बच्चों को किस माध्यम से बहलाकर ले जाया जा रहा था और इस मामले में कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है।

जांच जारी, नेटवर्क की तलाश

पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई संगठित मानव तस्करी या बाल श्रम गिरोह सक्रिय है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बाल श्रम और मानव तस्करी गंभीर अपराध

विशेषज्ञों के अनुसार, नाबालिग बच्चों को मजदूरी के लिए बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में ले जाना बाल श्रम और मानव तस्करी की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में संबंधित कानूनों के तहत कठोर दंड का प्रावधान है।