भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिहार के भागलपुर जिले स्थित शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन को पुनर्विकास के बाद राष्ट्र को समर्पित किया। पंजाब के जालंधर से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया।

करीब 1,570 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इन स्टेशनों का उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए रेलवे अवसंरचना को नई पहचान देना है। इसी कड़ी में मालदा मंडल के अंतर्गत आने वाला शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन भी अब 'अमृत स्टेशन' के रूप में विकसित हो चुका है।

₹17.94 करोड़ की लागत से हुआ स्टेशन का कायाकल्प

आधुनिक सुविधाओं के साथ बदली स्टेशन की तस्वीर

अमृत भारत स्टेशन योजना के प्रथम चरण में 17.94 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया गया है। स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करने के साथ-साथ इसकी डिजाइन में बिहार की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता दी गई है।

नए स्टेशन भवन में आकर्षक प्रवेश द्वार, विशाल कॉनकोर्स, आधुनिक टिकट बुकिंग काउंटर, बेहतर प्रतीक्षालय, आरक्षित लाउंज और आधुनिक शौचालयों की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए नया सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, दिशा-सूचक साइनेज और दो यात्री लिफ्ट भी स्थापित की गई हैं।

दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष व्यवस्था

स्टेशन परिसर को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया गया है। बाधारहित आवाजाही के लिए आवश्यक रैंप और अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं, ताकि सभी यात्री बिना किसी परेशानी के स्टेशन की सेवाओं का लाभ उठा सकें।

बिहार की सांस्कृतिक विरासत की झलक

मधुबनी कला और विक्रमशिला की विरासत से सजा स्टेशन

शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास में स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को विशेष महत्व दिया गया है। स्टेशन के आंतरिक और बाहरी हिस्सों में मधुबनी कला, भागलपुर की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक विक्रमशिला महाविहार से प्रेरित डिजाइन का उपयोग किया गया है।

राष्ट्रीय राजमार्ग-80 के निकट और विक्रमशिला महाविहार के पास स्थित यह स्टेशन अब आधुनिक परिवहन केंद्र के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक भी बन गया है।

उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की रही मौजूदगी

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ आयोजन

शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि तथा रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। मालदा मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक अमरेंद्र कुमार मौर्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हुए पुनर्विकास पर आधारित प्रस्तुति दिखाई गई। रेलवे द्वारा आयोजित निबंध, चित्रकला और वक्तृत्व प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।

इसके बाद उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा, जिसमें शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित किया गया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

कनेक्टिविटी, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार

रेलवे के अनुसार, पुनर्विकसित शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन से यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही इससे भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन, कृषि, स्थानीय व्यापार तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

रेल मंत्रालय का मानना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना केवल रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्थानीय संस्कृति को संरक्षित रखते हुए आधुनिक और भविष्य के अनुरूप रेलवे नेटवर्क तैयार करना है।

अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य

'विकास भी, विरासत भी' की सोच को मिलेगा विस्तार

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इस योजना में स्टेशन भवनों का सौंदर्यीकरण, यात्रियों की सुविधाओं का विस्तार, दिव्यांगजन-अनुकूल ढांचा और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास भी इसी सोच का हिस्सा है, जो आधुनिक बुनियादी ढांचे और बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संतुलित उदाहरण प्रस्तुत करता है।