परवेज आलम / बगहा, पश्चिम चंपारण। रामनगर प्रखंड के दोन क्षेत्र में स्कूली बच्चों ने बांस-बल्ली जुटाकर चचरी का पुल बनाया और मिसाल पेश की। डुमरी गांव के पास बाढ़ के पानी में पुलिया ध्वस्त होने के बाद लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। बच्चों ने गांव के लोगों से बांस जुटाकर करीब 15 फीट लंबा चचरी पुल तैयार कर दिया।
पुलिया ध्वस्त होने से बढ़ी थी परेशानी
रामनगर के डुमरी में दोन क्षेत्र के 22 गांवों को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली मुख्य सड़क की पुलिया बाढ़ के पानी में ध्वस्त हो गई थी। इसके बाद लोगों के लिए पैदल आना-जाना भी मुश्किल हो गया था। लोगों को उफनते पानी को पार करके आवाजाही करनी पड़ रही थी।
इसी दौरान डुमरी गांव के कुछ बच्चे वहां खेल रहे थे। उन्होंने दोन इलाके की महिलाओं को पानी पार करते देखा। इसके बाद बच्चों ने मिलकर कुछ करने की योजना बनाई।
गांव से बांस जुटाकर खुद बनाया पुल
बच्चों ने गांव के लोगों से बांस चंदे में जुटाए और चचरी का पुल बनाने में लग गए। बताया जा रहा है कि इस पहल में 10 वर्षीय पुष्पांजलि भी शामिल रही। पुष्पांजलि के जज्बे को देखकर उसके पिता ने भी बच्चों के काम में सहयोग किया।
बच्चों ने दिनभर में करीब 15 फीट लंबा चचरी पुल तैयार कर दिया। इसके बाद दोन क्षेत्र के लोगों ने बच्चों की इस पहल की सराहना की और उन्हें सम्मानित करने के लिए पहुंचे।
इंजीनियर बनकर क्षेत्र के विकास का सपना
चचरी पुल बनाने वाले बच्चों का कहना है कि उनका सपना पढ़-लिखकर इंजीनियर बनना और दोन क्षेत्र के विकास में सहयोग करना है।
बच्चों की इस पहल की जानकारी मिलने के बाद दोन क्षेत्र के लोग उन्हें सम्मानित करने पहुंचे। इस दौरान बच्चों के काम की चर्चा होती रही। खेलने और पढ़ने की उम्र में बच्चों की इस पहल ने लोगों का ध्यान खींचा है।