Bihar News : बिहार के गया जिले के मानपुर पटवाटोली में कपड़ा उद्योग को आधुनिक बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। उद्योग विभाग के एमएसएमई निदेशक अमन समीर ने क्षेत्र का दौरा कर पावरलूम इकाइयों का जायजा लिया और बुनकरों से उनकी समस्याओं पर चर्चा की। दौरे के दौरान उन्होंने कपड़ा रंगाई से जुड़ी पर्यावरणीय और तकनीकी चुनौतियों के समाधान के लिए आधुनिक जीरो डिस्चार्ज डाइंग यूनिट स्थापित करने की संभावनाओं पर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।
यह पहल मुख्यमंत्री क्लस्टर विकास योजना (CM CDP) के तहत कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना की संभावनाओं का आकलन करने के उद्देश्य से की गई।
पावरलूम मालिकों और बुनकरों से किया संवाद
10 अक्टूबर 2026 को मानपुर पटवाटोली पहुंचे एमएसएमई निदेशक अमन समीर ने स्थानीय पावरलूम इकाइयों का निरीक्षण किया। उन्होंने पावरलूम मालिकों और बुनकरों से सीधे बातचीत कर उत्पादन के दौरान आने वाली चुनौतियों की जानकारी ली।
चर्चा में कच्चे माल की उपलब्धता, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और तैयार कपड़ों की मार्केटिंग से जुड़ी समस्याओं पर बात हुई। इस दौरान क्षेत्र के कपड़ा उद्योग की जरूरतों और मौजूदा परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया गया।
एमएसएमई नीति और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
दौरे के दौरान निदेशक ने बुनकरों को बिहार सरकार की नई एमएसएमई नीति और मुख्यमंत्री क्लस्टर विकास योजना के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इन योजनाओं के तहत उपलब्ध वित्तीय सहायता, अनुदान और सब्सिडी से जुड़े प्रावधानों के प्रति बुनकरों को जागरूक किया।
इन योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को साझा सुविधाओं, तकनीकी सहयोग और बेहतर उत्पादन व्यवस्था से जोड़ना है। मानपुर पटवाटोली में भी ऐसी सुविधाओं की संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है।
जीरो डिस्चार्ज डाइंग यूनिट के लिए तैयार होगी रिपोर्ट
कपड़ों की रंगाई प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी और पर्यावरणीय समस्याओं को देखते हुए अमन समीर ने गया के जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को निर्देश दिया कि मानपुर पटवाटोली में जीरो डिस्चार्ज डाइंग यूनिट स्थापित करने के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके साथ ही विस्तृत डायग्नोस्टिक स्टडी रिपोर्ट (DSR) बनाने को भी कहा गया है।
जीरो डिस्चार्ज व्यवस्था का उद्देश्य औद्योगिक प्रक्रिया से निकलने वाले अपशिष्ट जल के निर्वहन को रोकना और पानी के उपचार तथा पुनः उपयोग की व्यवस्था विकसित करना होता है। हालांकि, मानपुर पटवाटोली में प्रस्तावित इकाई की क्षमता, लागत और स्थापना की समयसीमा के बारे में अभी जानकारी नहीं दी गई है।
पारंपरिक कपड़ा उद्योग को आधुनिक बनाने पर जोर
एमएसएमई निदेशक ने कहा कि राज्य सरकार मानपुर पटवाटोली के पारंपरिक कपड़ा उद्योग को आधुनिक बनाने और बुनकरों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रस्तावित कॉमन फैसिलिटी सेंटर से जुड़ी रिपोर्ट तैयार होने के बाद परियोजना की व्यवहार्यता और आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लेने का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल, जीरो डिस्चार्ज डाइंग यूनिट की स्थापना को लेकर प्रस्ताव और अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।