लखनऊ: उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 अक्टूबर को लखनऊ में कैबिनेट बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। प्रस्तावित नाम ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 साल की सार्वजनिक सेवा पूरी करने के अवसर पर पारित किया गया। हालांकि, कैबिनेट की मंजूरी के बाद नाम परिवर्तन से जुड़ी आगे की औपचारिक प्रक्रिया की स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी।

योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 साल की जनसेवा के लिए उनका अभिनंदन करती है। उन्होंने जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को राज्य के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा कि यह भविष्य में बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित हो सकता है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर काम हुआ है। उन्होंने सड़क, एक्सप्रेसवे और अन्य सुविधाओं के विस्तार का भी जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में प्रयास किए हैं।

PPP मॉडल पर बना है जेवर एयरपोर्ट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल के तहत किया गया है। इस परियोजना को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड विकसित कर रही है, जो स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी है।

एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे और अन्य परिवहन संपर्कों से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य दिल्ली-NCR में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करना और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों के दबाव को कम करने में मदद करना है।

पहले चरण में हर साल 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण में एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल बनाया गया है। इसकी शुरुआती क्षमता हर साल 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की है। पूरी परियोजना के विकास के साथ क्षमता को बढ़ाकर सालाना 7 करोड़ से अधिक यात्रियों तक ले जाने की योजना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया था। इसके बाद 15 जून 2026 को यहां से व्यावसायिक उड़ान सेवाएं शुरू हुईं। शुरुआत में घरेलू उड़ानों के संचालन के साथ एयरपोर्ट ने यात्रियों को सेवा देना शुरू किया।

दिल्ली-NCR को क्या होगा फायदा?

जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-NCR के हवाई यातायात के लिए एक अतिरिक्त विकल्प के रूप में विकसित किया गया है। इसके विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में हवाई संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। सड़क और अन्य परिवहन नेटवर्क से इसकी कनेक्टिविटी भी इस परियोजना का अहम हिस्सा है।

फिलहाल, एयरपोर्ट का नाम बदलने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। प्रस्तावित नाम ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ है। आगे नाम परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।