पटना: बिहार में भारतीय शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने के लिए सरकार सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि शास्त्रीय संगीत राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे संरक्षित रखने के साथ-साथ युवाओं तक पहुंचाना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को पटना के रविंद्र भवन में स्पिक मैके की ओर से आयोजित तीन दिवसीय ‘दुर्गा स्वरोत्सव 2026’ का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने और कला-संस्कृति के संरक्षण के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित करने की जरूरत बताई।
स्कूल-कॉलेजों में शास्त्रीय संगीत से जुड़ेंगे विद्यार्थी
सम्राट चौधरी ने कहा कि हाई स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत से जोड़ने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, संगीत विद्यार्थियों को मानसिक शांति देने में मदद कर सकता है। इससे उन्हें नशे की प्रवृत्ति से दूर रहने के लिए भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में कला और संगीत के प्रति लोगों की रुचि कम हो रही है। शास्त्रीय संगीत से बढ़ती दूरी के बीच सांस्कृतिक विरासत को सहेजना और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर संगीत के प्रभाव का जिक्र
मुख्यमंत्री ने शास्त्रीय संगीत के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मानसिक शांति के लिए संगीत को जीवन का हिस्सा बनाना उपयोगी हो सकता है।
उन्होंने बिहार के अन्य स्थानों पर भी शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम आयोजित करने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसे आयोजनों से कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा और समाज में भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद मिलेगी।
साजन मिश्र की प्रस्तुति भी सुनी
दुर्गा स्वरोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रख्यात शास्त्रीय गायक साजन मिश्र की संगीत प्रस्तुति सुनी। उन्होंने कार्यक्रम की आयोजक डॉ. माया शंकर ने शुभकामनाएं देते हुए ऐसे आयोजनों को जारी रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम बिहार की कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, सांसद रविशंकर प्रसाद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक संजय सरावगी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पटना की महापौर सीता साहू और उपमहापौर रेश्मी चंद्रवंशी भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
मुख्यमंत्री के बयान के मुताबिक, बिहार में शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने के लिए कलाकारों को प्रोत्साहित करने और विद्यार्थियों को इस परंपरा से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए आगे कौन-सी पहल की जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध बयान में नहीं दी गई है।