Bihar Flood : बिहार में बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में बनाए गए सूखा राशन पैकेजिंग सेंटर का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने राहत पैकेट में रखी जा रही खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान की गुणवत्ता की जानकारी ली.

सरकार के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए तैयार किए जा रहे पैकेट में चूड़ा, चना, सत्तू, चीनी और मसाले के साथ ओआरएस, माचिस और मोमबत्ती समेत जरूरत की अन्य सामग्री रखी जा रही है.

दो हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि तैयार किए जा रहे राहत पैकेट में खाद्य पदार्थों के अलावा रोजमर्रा की जरूरत का सामान भी शामिल किया जा रहा है, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को जरूरी चीजों के लिए परेशानी न हो.

सरकार के अनुसार, एयरफोर्स के दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से इन राहत पैकेटों को बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया जाएगा. इसके बाद सामग्री जरूरतमंद लोगों के बीच वितरित की जाएगी.

राहत वितरण में लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को राहत सामग्री के वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक समय पर खाद्य सामग्री और जरूरत का दूसरा सामान पहुंचना चाहिए. उन्होंने पैकेजिंग की गुणवत्ता और राहत सामग्री की उपलब्धता पर भी ध्यान देने को कहा.

सरकार की ओर से तैयार किए जा रहे पैकेट का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित परिवारों को एक साथ खाद्य सामग्री और जरूरी उपयोग की चीजें उपलब्ध कराना है.

पैकेट में क्या-क्या सामान रखा जा रहा है?

बाढ़ पीड़ितों के लिए तैयार किए जा रहे सूखा राशन पैकेट में चूड़ा, चना, सत्तू, चीनी और मसाला शामिल हैं. इसके अलावा ओआरएस, माचिस और मोमबत्ती जैसी जरूरी वस्तुओं को भी पैकेट में रखा जा रहा है.

अधिकारियों के मुताबिक, खाद्य सामग्री के साथ आवश्यक वस्तुओं को भी शामिल करने का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों को पूरा करना है.

अधिकारी भी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, आपदा विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी कुंदन कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की जरूरत और उसकी आपूर्ति को देखते हुए सरकार ने पैकेजिंग और वितरण की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं.