बगहा (पश्चिम चंपारण) / परवेज आलम : पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल अंतर्गत लौकरिया थाना क्षेत्र के हरनाटांड़ में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। एक पक्ष ने आरोप लगाया है कि उसकी रैयती जमीन पर पिछले कुछ महीनों के दौरान दर्जनभर लोगों ने कथित रूप से कब्जा कर पक्के मकान बना लिए हैं। मामले की शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंचने के बाद प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश शुरू कर दी है।

भूमि विवाद को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पैमाइश की प्रक्रिया शुरू कराई। शुरुआती विरोध के बाद दोनों पक्ष प्रशासन की मौजूदगी में भूमि मापी के लिए तैयार हो गए।

Bagaha Land Dispute News: पैमाइश के दौरान प्रशासन को करना पड़ा विरोध का सामना

जिला प्रशासन के निर्देश पर बगहा-2 के अंचलाधिकारी वसीम अकरम और राजस्व अधिकारी रवि प्रकाश चौधरी पुलिस बल के साथ हरनाटांड़ पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही कुछ लोगों ने पैमाइश का विरोध किया, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया, जिसके बाद पैमाइश की प्रक्रिया शुरू हो सकी। अंचलाधिकारी ने बताया कि मापी की रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एक ही खाता-खेसरा की जमीन को लेकर बढ़ा विवाद

प्रशासन के अनुसार विवाद एक ही खाता और खेसरा संख्या की जमीन को लेकर है। दोनों पक्ष अलग-अलग हिस्से पर अपना दावा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि चौहद्दी और रकबे को लेकर उत्पन्न भ्रम के कारण मामला जटिल हो गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि जिन लोगों ने बाद में जमीन खरीदी, उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने हिस्से के बजाय आगे वाले हिस्से में निर्माण कर लिया। इसी कारण जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए राजस्व विभाग की टीम लगातार दो दिनों से मौके पर पैमाइश कर रही है।

1963 और 2009 की रजिस्ट्री को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे

शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित जमीन वर्ष 1963 में उनके पिता ने विधिवत रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदी थी। इसके बाद से जमीन का दाखिल-खारिज और कब्जा उनके परिवार के नाम पर चला आ रहा था।

वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2009 में जमीन की रजिस्ट्री कराई और उसी के आधार पर मकान बनाकर वहां रह रहे हैं। दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेजों के आधार पर जमीन पर अधिकार का दावा कर रहे हैं।

प्रशासन की रिपोर्ट के बाद होगा फैसला

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनका पैतृक निवास हरनाटांड़ से करीब 25 किलोमीटर दूर होने का फायदा उठाकर दूसरे पक्ष ने कथित रूप से जमीन पर कब्जा कर लिया। वहीं दूसरा पक्ष अपने दावे को वैध बता रहा है।

फिलहाल दोनों पक्ष प्रशासन की ओर से कराई जा रही पैमाइश के लिए सहमत हो गए हैं। अब राजस्व विभाग की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी, जिसके बाद उपलब्ध दस्तावेजों और मापी के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की निगरानी में जारी है पूरी प्रक्रिया

भूमि विवाद को संवेदनशील मानते हुए मौके पर महिला और पुरुष पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि पैमाइश और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।