प्रमोद कुमार सिंह / औरंगाबाद : Aurangabad सदर अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब अस्पताल परिसर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी जीविका दीदियां संभालेंगी। बिहार सरकार के निर्णय के बाद जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर Aurangabad Sadar Hospital में जीविका दीदियों ने सफाई का काम शुरू कर दिया है।
इस नई व्यवस्था को अस्पतालों में बेहतर स्वच्छता के साथ महिला सशक्तिकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार की पहल से जीविका से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने और उनकी आय बढ़ने की उम्मीद है।
Aurangabad Sadar Hospital में जीविका दीदियों ने संभाली सफाई की कमान
बिहार सरकार ने जिला और अनुमंडल अस्पतालों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी जीविका दीदियों को सौंपने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में औरंगाबाद जिला अस्पताल में नई व्यवस्था की शुरुआत की गई।
अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनवर आलम, जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक पवन कुमार और जागृति जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ, बतवा की अध्यक्ष ममता देवी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर व्यवस्था का शुभारंभ किया।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अब जीविका दीदियां अस्पताल की साफ-सफाई से जुड़े कार्यों को संभालेंगी।
जीविका दीदियों को मिलेगा रोजगार, बढ़ेगी आय
इस पहल का एक बड़ा उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। अस्पतालों में सफाई की जिम्मेदारी मिलने से जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक पवन कुमार ने कहा कि जीविका का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। अस्पताल की साफ-सफाई जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
उन्होंने भरोसा जताया कि जीविका दीदियां कार्यकुशलता, अनुशासन और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी।
सदर अस्पताल की सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
Aurangabad Sadar Hospital जिले का प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थान है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर की स्वच्छता मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
जीविका दीदियों को जिम्मेदारी मिलने के बाद अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही महिलाओं को नियमित काम से जोड़ने की दिशा में भी इसे अहम पहल माना जा रहा है।
‘जीविका दीदियों के लिए गर्व का अवसर’
जागृति जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ, बतवा की अध्यक्ष ममता देवी ने कहा कि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की साफ-सफाई की जिम्मेदारी मिलना जीविका दीदियों के लिए गर्व और खुशी का अवसर है।
उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी महिलाओं की कार्यक्षमता, ईमानदारी और प्रतिबद्धता पर जताए गए विश्वास को दिखाती है। इस पहल से बड़ी संख्या में जीविका दीदियों को रोजगार मिलने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
ममता देवी ने नई व्यवस्था के लिए बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार भी जताया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग और जीविका के अधिकारी रहे मौजूद
नई व्यवस्था के शुभारंभ के दौरान जीविका के प्रबंधक प्रशिक्षण रणंजय राय, प्रबंधक संचार मो. अनवर हुसैन, प्रबंधक स्वास्थ्य एवं पोषण श्रवण कुमार, प्रफुल्लकांत निराला और जिला अस्पताल प्रबंधक श्रुतिकांत पाठक मौजूद रहे।
इसके अलावा जीविका औरंगाबाद सदर के प्रखंड परियोजना प्रबंधक समेत स्वास्थ्य विभाग और जीविका के कई अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
महिला सशक्तिकरण से जुड़ी Aurangabad Sadar Hospital की नई व्यवस्था
औरंगाबाद सदर अस्पताल में शुरू हुई यह व्यवस्था केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं है। इससे जीविका दीदियों को काम और आय का अवसर भी मिलेगा।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि जीविका दीदियों के जिम्मेदारी संभालने के बाद अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था में कितना बदलाव आता है। जिला स्तर पर शुरू हुई यह पहल महिला सशक्तिकरण और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।