गुरुग्राम : हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित प्रतिष्ठित डीएलएफ फेज-3 इलाके में प्रशासन की सख्त कार्रवाई ने संपत्ति मालिकों और किरायेदारों के बीच हलचल बढ़ा दी है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और भवन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान को तेज कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत अवैध पीजी, क्लीनिक, गेस्ट हाउस, जिम और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
DLF Phase-3 (DLF Phase 3) में सर्वे के बाद सामने आए सैकड़ों उल्लंघन
अधिकारियों के मुताबिक, डीएलएफ रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका के बाद पूरे डीएलएफ क्षेत्र का विस्तृत सर्वे कराया गया था। करीब 5,100 संपत्तियों की जांच में केवल डीएलएफ फेज-3 में ही 300 से अधिक मामलों में भवन नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ।
जांच के बाद संबंधित संपत्ति मालिकों को भवनों को स्वीकृत नक्शे के अनुसार मूल स्वरूप में वापस लाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद अब विभाग ने सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान न्यायालय के आदेशों के अनुरूप चलाया जा रहा है और आगे भी जारी रहेगा।
अवैध PG, क्लीनिक और गेस्ट हाउस प्रशासन के निशाने पर
जांच के दौरान यह पाया गया कि कई मकानों का उपयोग बिना अनुमति के पीजी, क्लीनिक, गेस्ट हाउस, ब्यूटी पार्लर, जिम और दुकानों के रूप में किया जा रहा था। विभाग ने ऐसे कई प्रतिष्ठानों को सील कर दिया है।
अधिकारियों का मानना है कि आवासीय क्षेत्रों में इस तरह की व्यावसायिक गतिविधियों के कारण जलापूर्ति, सीवर व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था। इसके अलावा सार्वजनिक रास्तों और सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को भी हटाया गया। जेसीबी मशीनों की मदद से कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर रास्तों को दोबारा खुलवाया गया।
45 कमरों वाले अवैध PG पर हुई सबसे बड़ी कार्रवाई
अभियान के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई अमलतास अपार्टमेंट स्थित एक अवैध पीजी पर की गई। विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह भवन मूल रूप से केवल चार परिवारों के रहने के लिए स्वीकृत था, लेकिन बाद में इसे 45 कमरों और 45 शौचालयों वाले बड़े पीजी में बदल दिया गया।
प्रत्येक मंजिल पर अतिरिक्त निर्माण कर क्षमता से कहीं अधिक लोगों को ठहराया जा रहा था। विभाग ने पहले बिजली कनेक्शन काटा और उसके बाद पूरे परिसर को सील कर दिया। बाद में अवैध हिस्सों को हटाने की कार्रवाई भी की गई।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन करते हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
किरायेदारों की बढ़ीं परेशानियां
प्रशासनिक कार्रवाई का असर सबसे ज्यादा वहां रहने वाले छात्रों, नौकरीपेशा युवाओं और महिला किरायेदारों पर पड़ा है। कई लोगों को अचानक अपना सामान लेकर दूसरे स्थान की तलाश करनी पड़ी। कुछ किरायेदारों का कहना है कि उन्हें पहले से इस कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं थी।
हालांकि प्रशासन का दावा है कि संपत्ति मालिकों को सभी आवश्यक नोटिस समय पर जारी किए गए थे और नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने स्पष्ट किया है कि डीएलएफ फेज-1 से लेकर डीएलएफ फेज-5 तक ऐसे सभी मामलों की जांच जारी रहेगी। बिना अनुमति संचालित हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ आने वाले दिनों में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि बुनियादी सुविधाओं पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके और लोगों को सुरक्षित तथा व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। गुरुग्राम में चल रहा यह अभियान आने वाले समय में अन्य इलाकों तक भी पहुंच सकता है।