Haryana News: राज्य की मंडियों में धान का उठान न होने और गेट पास की समस्या से किसान पहले से परेशान हैं। इसी बीच रविवार दोपहर साढौरा और बिलासपुर में मौसम बदलने के बाद तेज बारिश हुई, जिससे मंडियों में रखा लाखों क्विंटल धान भीग गया। यह धान खरीदा जा चुका था या अभी खरीदा नहीं गया था, दोनों ही स्थितियों में बारिश की चपेट में आया, क्योंकि खरीदे गए धान का भी उठान नहीं हुआ था।
Haryana News: किसानों पर दोहरी मार
किसानों पर इस समय दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ उन्हें गेट पास नहीं मिल रहा है और अगर मिल भी जाए, तो मंडी से उठान नहीं हो रहा। चार दिन पहले साढौरा और बिलासपुर में बारिश हुई थी। रविवार को दोपहर में फिर मौसम बदला, आसमान में घना अंधेरा छा गया और देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई।
उठान को लेकर पहले ही था किसानों का विरोध
किसान उठान को लेकर लंबे समय से परेशान थे, क्योंकि जब तक मंडी खाली नहीं होगी, नया धान नहीं आ सकता। इसी को लेकर किसानों ने तीन दिन पहले मार्केट कमेटी के कार्यालय पर तालाबंदी की थी। उससे एक दिन पहले बिलासपुर में गेटों पर ताला लगाया गया था। मांग यही थी कि उठान में तेजी लाई जाए, क्योंकि मौसम कभी भी बदल सकता है।
किसानों के मुताबिक, उन्हें आश्वासन तो मिला, लेकिन उठान में तेजी नहीं आई। नतीजा यह रहा कि रविवार की भारी बारिश में उन्हें फिर बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
Haryana News: आढ़तियों को भी नुकसान
उठान में देरी से किसानों के साथ आढ़तियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि उन्होंने सरकार से बार-बार उठान में तेजी लाने और मिसमैच की समस्या दूर करने की मांग की, लेकिन समय रहते समाधान नहीं हुआ।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मुनीष कंबोज के अनुसार, मंडी में करीब 10 लाख बोरी धान पड़ा है, जिसमें से 3 से 4 लाख बोरी खुले आसमान के नीचे रखी हैं। बारिश से धान भीगने के कारण भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि मंडी में लाई गई उनकी फसल भी भीग गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
आगे क्या
उपलब्ध जानकारी में नुकसान का सरकारी आकलन या प्रशासन की ओर से उठान तेज करने की किसी नई घोषणा का जिक्र नहीं है। फिलहाल किसानों और आढ़तियों की मांग है कि मंडियों से धान का उठान जल्द कराया जाए, ताकि मौसम की मार से और नुकसान न हो। यह Haryana News मंडियों में उठान की व्यवस्था पर सवाल भी खड़े करती है।