भारत की राजनीति में बुधवार का दिन एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में दर्ज हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में 4,399 दिन पूरे करते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 60 साल पुराना एक खास रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्र की निरंतर सेवा को रेखांकित करती है।

इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक विशेष बैठक में प्रधानमंत्री मोदी को हार्दिक बधाई दी। कैबिनेट बैठक की शुरुआत होते ही, इस उपलब्धि को लेकर एक विशेष माहौल बन गया और सभी मंत्रियों ने अपनी सीटों से खड़े होकर प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान किया।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पारित किया विशेष बधाई प्रस्ताव

कैबिनेट बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर एक बधाई प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री द्वारा गरीब कल्याण, सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय सुरक्षा और समावेशी विकास के लिए अपनाई गई नीतियों की सराहना की गई।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। यह आंकड़ा सरकार की गरीब-कल्याणकारी नीतियों की सफलता को दर्शाता है।

ऐतिहासिक निर्णयों का जिक्र: धारा 370 से तीन तलाक तक

केंद्रीय मंत्रिमंडल की ब्रीफिंग में उन बड़े निर्णयों का भी जिक्र किया गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में लिए गए हैं। इन फैसलों ने देश की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

  • जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाना।
  • जीएसटी (GST) लागू करना, जिसे अर्थव्यवस्था विशेषज्ञ लंबे समय से एक एकीकृत कर प्रणाली के रूप में चाहते थे।
  • वन रैंक वन पेंशन (OROP) योजना को लागू करना।
  • गरीबों को 10% आरक्षण प्रदान करना।
  • तीन तलाक के विरुद्ध कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाना।

इन फैसलों को देश के लिए मील का पत्थर बताया गया। ये निर्णय न केवल सामाजिक न्याय बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक सुधारों की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम थे।

गरीब, युवा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब कल्याण को शासन के केंद्र में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें गरीब कल्याण को केवल एक नारा बनाकर रखती थीं, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद स्पष्ट रूप से ऐलान किया था कि उनकी सरकार गरीब कल्याण के प्रति समर्पित है।

प्रधानमंत्री मोदी युवा शक्ति को भारत की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने कौशल विकास, स्टार्टअप इंडिया, इनोवेशन, डिजिटल इकॉनमी, स्पोर्ट्स, उद्यमिता और फिटनेस जैसे क्षेत्रों में कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाना है।