बरुण कुमार / जहानाबाद : बिहार के पटना-गया रेलखंड पर गुरुवार सुबह चोरों ने रेलवे को बड़ा नुकसान पहुंचाया। ऊंटा-मदारपुर के पास अज्ञात बदमाश रेलवे की ओवरहेड हाईटेंशन बिजली लाइन का करीब 35 मीटर लंबा तार काटकर ले गए। इस घटना के कारण डाउन लाइन पर रेल परिचालन करीब तीन घंटे तक प्रभावित रहा और कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रास्ते में रोकना पड़ा।
सुबह 4 बजे से 7 बजे तक प्रभावित रही ट्रेन सेवा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब 4 बजे ओवरहेड लाइन में खराबी की सूचना दानापुर रेल मंडल को मिली। जांच में पता चला कि हाईटेंशन ओवरहेड तार काट दिया गया है। इसके बाद जहानाबाद के रेलवे अधिकारी, आरपीएफ और तकनीकी टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया।
मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद सुबह करीब 7 बजे रेल परिचालन दोबारा सामान्य हो सका।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान पर चोरी हुई, वहां से आरपीएफ पोस्ट और जीआरपी थाना अधिक दूर नहीं हैं। इसके बावजूद चोर हाईटेंशन ओवरहेड तार काटने में सफल रहे और किसी को भनक तक नहीं लगी।
सूचना मिलने पर आरपीएफ प्रभारी प्रदीप कुमार यादव के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। पुलिस की आहट मिलते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
गड्ढे से बरामद हुआ कटा हुआ तार
तलाशी अभियान के दौरान रेलवे का कटा हुआ ओवरहेड तार पास के एक गड्ढे से बरामद किया गया। इसके बाद पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) की तकनीकी टीम विशेष वाहन से मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत शुरू की।
तकनीशियनों ने ओवरहेड तार बदलने के साथ सिग्नल और विद्युत व्यवस्था बहाल की, जिसके बाद ट्रेनों की आवाजाही फिर शुरू हो सकी।
कई प्रमुख ट्रेनें हुईं प्रभावित
ओवरहेड लाइन कटने की वजह से कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। इनमें प्रमुख रूप से:
गंगा-दामोदर एक्सप्रेस , हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस , पलामू एक्सप्रेस , गया-पटना मेमू
सहित अन्य ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा। इससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
CCTV फुटेज खंगाल रही RPF
आरपीएफ प्रभारी प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि चोर करीब 35 मीटर लंबा ओवरहेड लार्ज स्पैन केबल काटकर ले जाने का प्रयास कर रहे थे। मामले की जांच जारी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। दोषियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी निगरानी
रेलवे प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील रेलखंडों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त गश्त और तकनीकी निगरानी बढ़ाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।