देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से सक्रिय हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों के दौरान उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मिलेगी राहत

दिल्ली और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत मिल सकती है। हालांकि, जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन सकती है।

बिहार में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से उत्तर और पूर्वी बिहार में अगले 48 घंटों के दौरान तेज बारिश की संभावना जताई गई है। किसानों के लिए यह बारिश लाभदायक हो सकती है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव का खतरा भी बना रहेगा।

राजस्थान में कई जिलों में भारी बारिश की संभावना

राजस्थान में 4 से 9 जुलाई के बीच मानसून और सक्रिय रहने की संभावना है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

पंजाब और हरियाणा में भी असर दिखाएगा मानसून

पंजाब और हरियाणा में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, मोहाली और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक तथा तेज हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई पर्वतीय जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिससे भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहेगा। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम और सड़क की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों के लिए कुछ जरूरी सावधानियां जारी की हैं।

  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • पहाड़ी इलाकों में यात्रा से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
  • स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें।
  • बिजली गिरने की आशंका के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें।

अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। ऐसे में उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने सभी प्रभावित राज्यों के लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।