Ram Mandir Donation : अयोध्या के श्रीराम मंदिर से जुड़े चंदा और जमीन मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने SIT की कथित क्लीन चिट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा को इस मामले में क्लीन चिट दिए जाने की खबर सामने आई है, जबकि उनके मुताबिक पहले SIT को सौंपे गए जमीन से जुड़े दस्तावेजों में चंपत राय के हस्ताक्षर मौजूद हैं।

संजय सिंह ने कहा कि वह इस मामले से जुड़े 13 और दस्तावेज SIT को सौंपना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही SIT से मिलने का समय मांगा जाएगा।

SIT की कथित क्लीन चिट पर संजय सिंह ने उठाया सवाल

संजय सिंह ने बुधवार को जारी एक वीडियो में कहा कि ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि SIT ने चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दे दी है।

उन्होंने सवाल उठाया कि 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट द्वारा SIT को जांच जल्द पूरी कर स्टेटस रिपोर्ट देने के लिए कहे जाने की बात सामने आई थी। ऐसे में उन्होंने पूछा कि अगर जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई थी तो क्लीन चिट किस आधार पर दी गई।

संजय सिंह ने कहा कि इस मामले में सामने आ रही अलग-अलग रिपोर्टों के बीच स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।

जमीन के दस्तावेजों को लेकर क्या दावा किया?

AAP सांसद ने कहा कि पहली SIT को सौंपे गए 13 जमीन के दस्तावेजों में उन्हें कथित अनियमितताओं के सबूत मिले थे।

उनका दावा है कि एक जमीन की कीमत करीब 2 करोड़ रुपये थी, जिसे कथित तौर पर 18.5 करोड़ रुपये में खरीदा गया और दोनों लेनदेन के बीच केवल पांच मिनट का अंतर था।

संजय सिंह ने दावा किया कि इन दस्तावेजों पर चंपत राय के हस्ताक्षर मौजूद हैं।

उन्होंने इसी तरह के दूसरे सौदों का भी जिक्र किया और कहा कि उनके पास ऐसे 13 अन्य दस्तावेज अभी मौजूद हैं।

संजय सिंह बोले- SIT को 13 और दस्तावेज दूंगा

संजय सिंह ने कहा कि वह बचे हुए 13 दस्तावेज SIT के सामने रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जांच एजेंसी इन दस्तावेजों को भी जांच का हिस्सा बनाएगी।

उन्होंने सवाल किया कि जब उनके पास मामले से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं तो उन्हें सीधे सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की जरूरत क्यों पड़े।

संजय सिंह ने कहा कि वह जल्द SIT से मुलाकात का समय मांगेंगे और पहले सौंपे गए दस्तावेजों की जांच में क्या हुआ, इसकी जानकारी भी लेना चाहेंगे।

चंदा, आभूषण और निर्माण कार्यों को लेकर भी लगाए आरोप

संजय सिंह ने चंपत राय और अनिल मिश्रा पर चंदे, दान और आभूषणों से जुड़े कथित गबन के अलावा निर्माण कार्यों और जमीन सौदों में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए।

उन्होंने कहा कि अगर मामले में मुख्य आरोपों से जुड़े लोगों को क्लीन चिट दी जाती है तो यह गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने इसे भगवान राम के प्रति विश्वास रखने वाले लोगों के साथ विश्वासघात बताया।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री से नहीं होती है। मामले की वास्तविक स्थिति SIT की जांच और अदालत के समक्ष रखे गए रिकॉर्ड से स्पष्ट होगी।

अब SIT के सामने दस्तावेज रखने की तैयारी

संजय सिंह ने कहा कि वह जल्द ही SIT से मिलने का प्रयास करेंगे। उनका कहना है कि उनके पास मौजूद 13 अन्य दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंपे जाएंगे।

अब इस मामले में आगे की नजर SIT की कार्रवाई और जांच से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड पर रहेगी। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि एजेंसी संजय सिंह की ओर से पहले और अब दिए जाने वाले दस्तावेजों पर क्या रुख अपनाती है।