Rahul Gandhi on Modi Foreign Policy : कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन ‘रचनात्मक कांग्रेस’ में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री विदेश नीति को विदेशी नेताओं से मुलाकात और गले मिलने तक सीमित मानते हैं।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में ईरान-अमेरिका संघर्ष और चीन के साथ सीमा विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इन परिस्थितियों में भारत अपनी कूटनीतिक ताकत का प्रभावी इस्तेमाल नहीं कर सका।

‘विदेशी नेताओं को गले लगाना ही विदेश नीति’

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की शैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह विचार कहां से आया कि विदेशी नेताओं से गले मिलना ही विदेश नीति है।

इसी दौरान मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को राहुल गांधी ने गले लगाया। दीक्षित ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि क्या राहुल उन्हें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी समझकर गले लगा रहे हैं। इस पर राहुल गांधी ने जवाब दिया, “मैं अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचा हूं।” उनके इस जवाब पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल बन गया।

ईरान-अमेरिका संघर्ष पर भी सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद भारत के सामने अपनी कूटनीतिक क्षमता दिखाने का बड़ा अवसर था।

उन्होंने दावा किया कि अगर भारत ने अपनी ताकत को पहचाना होता और देश का नेतृत्व इंदिरा गांधी जैसी शैली वाला होता, तो यह भारत के लिए बड़ा कूटनीतिक अवसर बन सकता था।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत इस मौके का फायदा नहीं उठा सका और पाकिस्तान ने उसकी जगह ले ली।

चीन और सीमा विवाद पर राहुल गांधी का दावा

कांग्रेस नेता ने चीन के साथ सीमा विवाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में गश्त को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए।

राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय से सीधे जानकारी मिल रही है और वहां स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन ने भारत को कुछ इलाकों में गश्त करने से रोक दिया है।

हालांकि, इन आरोपों के संबंध में इस उपलब्ध सामग्री में केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इसलिए राहुल गांधी के दावों को उनके राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

राहुल गांधी के बयान क्यों अहम हैं?

विदेश नीति, चीन के साथ सीमा विवाद और पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात भारतीय राजनीति में लगातार महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं। ऐसे में विपक्ष के नेता की ओर से इन मुद्दों पर सरकार की रणनीति पर सवाल उठाना राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।