Ram Nath Kovind Autobiography : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘भारतीय गणराज्य की विजय: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ का विमोचन किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविंद के जीवन के अनुभव और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को देखते हुए यह आत्मकथा भारतीय लोकतंत्र और समाज के लिए महत्वपूर्ण धरोहर साबित हो सकती है।
प्रधानमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति के जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके बारे में विस्तार से बहुत कुछ कहा जा सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पुस्तक विमोचन का उद्देश्य केवल उसका परिचय कराना होना चाहिए।
PM मोदी ने लोगों से किताब पढ़ने की अपील की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को आत्मकथा को स्वयं पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि रामनाथ कोविंद के जीवन के अनुभवों को समझने के लिए पुस्तक को पढ़ना जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति के जीवन और उनकी क्षमताओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि आत्मकथा लोकतंत्र और समाज के लिए उपयोगी साबित होगी।
रामनाथ कोविंद के जीवन सफर पर आधारित है आत्मकथा
यह आत्मकथा पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के जीवन की व्यक्तिगत यात्रा को सामने रखती है। इसमें उनके शुरुआती जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन में उनके अनुभवों और संघर्षों का उल्लेख किया गया है।
किताब में उनके सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और अंततः भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में निभाई गई जिम्मेदारियों से जुड़े अनुभव भी शामिल हैं।
जीवन को आकार देने वाले अनुभवों और मूल्यों का जिक्र
आत्मकथा में उन मूल्यों, परिस्थितियों और अनुभवों पर भी प्रकाश डाला गया है, जिन्होंने रामनाथ कोविंद के जीवन और सार्वजनिक सेवा को प्रभावित किया।
इस पुस्तक के जरिए पाठकों को उनके जीवन के अलग-अलग पड़ावों, संघर्षों और सार्वजनिक सेवा के अनुभवों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
कोविंद के सार्वजनिक जीवन पर केंद्रित है किताब
रामनाथ कोविंद ने अपने सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और वर्ष 2017 से 2022 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। उनकी आत्मकथा उनके व्यक्तिगत अनुभवों और सार्वजनिक जीवन की यात्रा को एक साथ सामने लाती है।