नई दिल्ली डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रिपब्लिक शिखर सम्मेलन (Republic Summit) को संबोधित करते हुए कहा कि भारत किसी क्षणिक घटनाओं से प्रभावित होकर फैसले लेने वाला देश नहीं है, बल्कि हजारों वर्षों के अनुभव और सभ्यता की विरासत के साथ आगे बढ़ने वाला राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि आज भारत जो कदम उठा रहा है, वह आने वाले एक हजार वर्षों के भविष्य की नींव तैयार कर रहा है और यही दुनिया के लिए भारत की सबसे बड़ी गारंटी है।

‘नेशन फर्स्ट’ ही भारत की सबसे बड़ी नीति

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज केवल तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय और भरोसेमंद वैश्विक शक्ति भी बन चुका है। उन्होंने हाल ही में संपन्न जी-7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit) का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के तमाम देशों और नेताओं ने यह स्वीकार किया है कि भारत के लिए ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) ही सर्वोच्च सिद्धांत है।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार द्वारा लिए गए हर बड़े फैसले और हर योजना के केंद्र में राष्ट्रहित की भावना रही है। चाहे स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Mission) हो, मेक इन इंडिया (Make in India) हो या स्थानीय उत्पादों और खादी को बढ़ावा देने की पहल, इन सभी कार्यक्रमों की सफलता में देशवासियों की भागीदारी सबसे अहम रही है।

आकांक्षी जिलों ने बदली विकास की तस्वीर

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 100 से अधिक जिले और 500 से ज्यादा ब्लॉक लंबे समय तक विकास की दौड़ में पीछे रह गए थे। पहले इन्हें पिछड़े क्षेत्र के रूप में देखा जाता था, लेकिन उनकी सरकार ने इन्हें ‘आकांक्षी जिले’ (Aspirational Districts) और ‘आकांक्षी ब्लॉक’ (Aspirational Blocks) के रूप में नई पहचान दी।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में विकास की नई सोच के साथ काम किया गया और आज यही जिले राज्यों की प्रगति को गति देने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, जिसमें इन आकांक्षी जिलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचा विकास

पीएम मोदी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब नक्सल प्रभावित इलाकों में सरकारी गाड़ियां तक नहीं जा पाती थीं और विकास कार्य ठप पड़े रहते थे। 2004 से 2014 के बीच माओवादी हिंसा (Maoist Violence) की 17 हजार से अधिक घटनाएं हुईं, जिनमें सात हजार से ज्यादा लोगों की जान गई थी।

उन्होंने दावा किया कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और इन इलाकों में विकास की नई रोशनी पहुंची है। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 9,500 से अधिक मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं, जबकि करीब 45 हजार गांवों तक मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाई गई है। इसके अलावा 75 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट और छह हजार से अधिक नए डाकघर खोले गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले जो काम असंभव माना जाता था, आज वही काम देश की नई सोच और संकल्प शक्ति के कारण संभव हो रहा है।

मेट्रो और हाई-स्पीड ट्रेनों से बदली तस्वीर

प्रधानमंत्री मोदी ने देश में तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure Development) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रतिदिन लगभग 28 लाख लोग मेट्रो सेवा का उपयोग करते थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर करीब 1.28 करोड़ यात्रियों तक पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि नमो भारत (Namo Bharat), वंदे भारत (Vande Bharat) और अमृत भारत (Amrit Bharat) जैसी आधुनिक ट्रेनों ने देश के विभिन्न हिस्सों को तेजी से जोड़ने का काम किया है। साथ ही बीते 12 वर्षों में देश में हवाई अड्डों की संख्या भी लगभग दोगुनी हो चुकी है, जिससे मध्यम वर्ग के लिए हवाई यात्रा पहले से कहीं अधिक सुलभ हुई है।

होम लोन हुआ आसान, बढ़े अवसर

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब घर खरीदने के लिए मिलने वाले होम लोन (Home Loan) की ब्याज दरें दोहरे अंक में होती थीं और लोन प्राप्त करना किसी बड़ी लड़ाई जीतने जैसा माना जाता था। लेकिन आज बैंक सात से आठ प्रतिशत की दर पर होम लोन उपलब्ध करा रहे हैं और डिजिटल सुविधाओं के कारण यह प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गई है।

उन्होंने कहा कि गरीबी कम होना केवल कल्याणकारी योजनाओं का परिणाम नहीं है, बल्कि यह अवसरों के विस्तार और नई आकांक्षाओं के जन्म की कहानी है। सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे मध्यम वर्ग और आम नागरिकों का जीवन अधिक आसान और सुविधाजनक बन सके।

भारत अगले 1000 वर्षों की दिशा तय कर रहा

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले 12 वर्षों में निराशा को आशा में बदलने का काम किया है। देश की विकास यात्रा केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, विश्वास और वैश्विक स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा की कहानी भी है।

उन्होंने कहा कि भारत आज जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, वह आने वाले एक हजार वर्षों के भविष्य को आकार देने वाला है और यही नए भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि और विश्व के लिए उसकी सबसे बड़ी गारंटी है।