देश के कुछ हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अगले कुछ दिनों में फिर बढ़ सकती हैं। बंगाल की खाड़ी में बनी मौसम प्रणाली के कारण खासकर पूर्वी और तटीय भारत के कुछ राज्यों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 20 सितंबर के अपडेट के मुताबिक, 21 सितंबर को ओडिशा में गरज-चमक और आंधी की चेतावनी है। वहीं 22 सितंबर से ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की गतिविधि बढ़ने का अनुमान है।
ऐसे में मौसम को लेकर लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी की प्रणाली का क्या असर होगा?
बंगाल की खाड़ी और उससे जुड़े क्षेत्रों में बनी मौसम प्रणाली का असर पूर्वी भारत में दिखाई दे सकता है। IMD के ताजा क्षेत्रीय पूर्वानुमान में ओडिशा में 21 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति की चेतावनी दी गई है।
इसके बाद 22 सितंबर को ओडिशा में बहुत भारी बारिश और 23-24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 25 और 26 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
बिहार में 21 सितंबर को क्या रहेगा मौसम?
बिहार के लिए उपलब्ध IMD चेतावनी में 21 सितंबर को किसी विशेष मौसम चेतावनी का उल्लेख नहीं है। बिहार मौसम केंद्र के 19 सितंबर के अपडेट में 20, 21 और 22 सितंबर के लिए कोई चेतावनी नहीं दी गई थी। 23 सितंबर से फिर गरज-चमक और आंधी जैसी गतिविधियों की संभावना जताई गई है।
इसलिए बिहार के सभी 38 जिलों में 21 सितंबर को येलो अलर्ट होने या राज्य में किसी बड़े मौसम संकट की बात को आधिकारिक IMD चेतावनी के आधार पर पुष्ट नहीं किया जा सकता।
पश्चिम बंगाल में कब बढ़ेगी बारिश?
पश्चिम बंगाल में भी मौसम की गतिविधियों में चरणबद्ध तरीके से वृद्धि का अनुमान है। IMD के क्षेत्रीय पूर्वानुमान के मुताबिक गंगीय पश्चिम बंगाल में 21 सितंबर को गरज-चमक और आंधी की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 22 सितंबर से भारी बारिश की गतिविधि बढ़ने का अनुमान है।
दूसरी ओर, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए 21 सितंबर को कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहाँ 23 सितंबर से गरज-चमक और उसके बाद भारी बारिश की संभावना बताई गई है।
ओडिशा में मौसम पर नजर रखना जरूरी
ओडिशा में 21 सितंबर को गरज-चमक और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।
22 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 23-24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। ऐसे में निचले इलाकों, जलभराव वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर ध्यान देना जरूरी होगा।
उत्तर प्रदेश में 21 सितंबर को कोई चेतावनी नहीं
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के लिए IMD के 20 सितंबर के अपडेट में 21 सितंबर को कोई मौसम चेतावनी नहीं है। 26 सितंबर तक भी इन दोनों क्षेत्रों के लिए इस अपडेट में कोई चेतावनी दर्ज नहीं की गई है।
इसलिए उत्तर प्रदेश में 21 सितंबर को रेड अलर्ट या व्यापक भारी बारिश की चेतावनी का दावा फिलहाल आधिकारिक IMD डेटा से मेल नहीं खाता।
हिमाचल और उत्तराखंड का क्या हाल है?
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए भी IMD के 20 सितंबर के क्षेत्रीय अपडेट में 21 सितंबर को कोई मौसम चेतावनी नहीं दी गई है। दोनों क्षेत्रों के लिए संबंधित अवधि में “No warning” दर्ज है।
इसलिए पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी या भारी बारिश को लेकर कोई व्यापक चेतावनी बताने से पहले स्थानीय और जिला स्तर के ताजा अपडेट देखना जरूरी है।
मौसम को लेकर किन सावधानियों का रखें?
जहां गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी हो, वहां लोगों को खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए। आंधी के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं से दूरी रखना जरूरी है।
मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए किसी भी यात्रा या स्थानीय गतिविधि से पहले IMD और जिला प्रशासन की ताजा चेतावनी देखना बेहतर रहेगा।