Cockroach Janta Party Rift : संसद मार्च के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के भीतर मतभेद की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के एक पूर्व नेता वीरू भाई ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व और आंदोलन की रणनीति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर पार्टी की ओर से इस खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पूर्व नेता ने एक मीडिया इंटरव्यू में दावा किया कि जिस संगठन की शुरुआत छात्रों के मुद्दों को लेकर हुई थी, वह अब अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है।

नेतृत्व पर लगाए कई आरोप

वीरू भाई ने आरोप लगाया कि CJP शुरू से खुद को गैर-राजनीतिक संगठन बताता रहा, लेकिन अब उसकी कार्यशैली बदल गई है। उन्होंने दावा किया कि संगठन अब एक राजनीतिक दल की "बी-टीम" की तरह काम कर रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन में ऐसे लोग शामिल हो गए हैं, जिनका छात्रों के मुद्दों से कोई सीधा संबंध नहीं है। हालांकि, इन दावों के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई स्वतंत्र साक्ष्य पेश नहीं किया।

प्रदर्शन की रणनीति पर भी उठाए सवाल

पूर्व नेता ने संसद मार्च के दौरान अपनाई गई रणनीति पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि जब पुलिस के साथ टकराव की आशंका थी, तब शीर्ष नेतृत्व को स्वयं आगे आना चाहिए था।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मार्च के दौरान महिलाओं को आगे रखने का निर्णय नेतृत्व की रणनीति का हिस्सा था। यह आरोप भी उनका व्यक्तिगत दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अनुमति नहीं मिलने के बावजूद मार्च पर सवाल

वीरू भाई ने कहा कि यदि प्रदर्शन के लिए पुलिस से अनुमति नहीं मिली थी, तो प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने के लिए क्यों कहा गया। उनके अनुसार, यदि नेतृत्व को संभावित स्थिति की जानकारी थी, तो उसे अधिक जिम्मेदारी के साथ निर्णय लेना चाहिए था।

पार्टी की प्रतिक्रिया का इंतजार

पूर्व नेता द्वारा लगाए गए आरोपों पर CJP या उसके संस्थापक अभिजीत दीपके की ओर से इस खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि संगठन की ओर से प्रतिक्रिया जारी की जाती है, तो उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।