मनीला में आयोजित आसियान रीजनल फोरम (ARF) की बैठक के दौरान पाकिस्तान की ओर से कश्मीर और सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर दिए गए बयानों के बाद भारत ने कड़ा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार की टिप्पणियों को "बेबुनियाद और अनुचित" बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल झूठे दुष्प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
भारत का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार ऐसे मंचों का उपयोग अपने आंतरिक मुद्दों और सीमा पार आतंकवाद से जुड़े आरोपों से ध्यान हटाने के लिए करता है।
India Pakistan Row पर विदेश मंत्रालय की दो टूक
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि भारत पाकिस्तान के विदेश मंत्री की टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज करता है। उनके अनुसार, पाकिस्तान ने एक बार फिर बहुपक्षीय मंच का उपयोग गलत जानकारी फैलाने और सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के अपने रिकॉर्ड से ध्यान हटाने के लिए किया है।
उन्होंने कहा कि भारत ऐसे किसी भी प्रयास की कड़ी निंदा करता है जिसमें अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए किया जाए।
कश्मीर पर भारत ने दोहराया अपना रुख
विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा से भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहे हैं और आगे भी रहेंगे। भारत के अनुसार, इन मामलों पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है।
यह भारत का लंबे समय से घोषित आधिकारिक रुख है, जिसे विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर दोहराया।
सिंधु जल संधि पर भी दिया जवाब
सिंधु जल संधि को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत का रुख पहले जैसा ही है। मंत्रालय के अनुसार, सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं और पहलगाम में हुए आतंकी हमले जैसी घटनाओं के संदर्भ में संधि को फिलहाल स्थगित रखा गया है।
भारत का कहना है कि यह स्थिति तब तक बनी रहेगी, जब तक पाकिस्तान विश्वसनीय और स्थायी रूप से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता।
'पहले आतंकी ढांचे पर कार्रवाई करे पाकिस्तान'
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से अपील की कि वह पड़ोसी देशों पर आरोप लगाने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दुष्प्रचार करने के बजाय अपने देश में मौजूद आतंकवादी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई करे और आंतरिक चुनौतियों पर ध्यान दे।
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान समय-समय पर धार्मिक शब्दावली और सरकारी स्तर पर भ्रामक सूचनाओं का सहारा लेकर अपनी बात को सही ठहराने की कोशिश करता है। भारत ने इसे पूरी तरह अस्वीकार किया।
मनीला में कई अहम बैठकों में शामिल हुए जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर मनीला में आयोजित आसियान से जुड़ी कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की बैठक, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन और आसियान रीजनल फोरम शामिल हैं।
इन्हीं बैठकों के दौरान पाकिस्तान की ओर से उठाए गए मुद्दों पर भारत ने अपना आधिकारिक पक्ष स्पष्ट करते हुए कड़ा जवाब दिया।