चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर 'शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल' श्रृंखला के तहत एक विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के इतिहास में पारदर्शी और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक बड़ा बदलाव करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं से भ्रष्टाचार और सिफारिशी संस्कृति को खत्म कर योग्यता को आधार बनाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में पंजाब के युवाओं को रिकॉर्ड 65,264 सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं, जो राज्य के इतिहास में एक मील का पत्थर है। उन्होंने पिछली सरकारों की तुलना में मौजूदा मॉडल को युवाओं के भविष्य को संवारने वाला बताया।
रोजगार के क्षेत्र में नया कीर्तिमान: 65,000 से अधिक नियुक्तियां
रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में दी गई नौकरियों का आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग में 16,308, पंजाब पुलिस में 12,966, बिजली विभाग में 8,765 और स्वास्थ्य व मेडिकल शिक्षा में 16,320 युवाओं को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा स्थानीय निकाय विभाग में भी 5,771 नौकरियां दी गई हैं।
मान ने कहा कि आयु सीमा में 5 साल की छूट और बिना किसी पेपर लीक के पारदर्शी भर्ती ने युवाओं में विश्वास जगाया है। अब राज्य के युवा विदेशों में जाने के बजाय सरकारी नौकरियों की तैयारी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
डिजिटल पंजाब: घर बैठे मिल रही हैं 437 सेवाएं
शासन में सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब अब 'डिजिटल हब' के रूप में उभर रहा है। 'भगवंत मान सरकार तुम्हारे द्वार' योजना के माध्यम से नागरिक हेल्पलाइन 1076 के जरिए घर बैठे 437 सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। अब तक 2.66 लाख लोग इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं, जो विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए वरदान साबित हुई है।
सेवा केंद्रों के माध्यम से हर महीने लगभग 30 लाख लोग सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं। राज्य में जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र अब सीधे व्हाट्सएप और एसएमएस पर भेजे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवाओं की बकाया दर 14 प्रतिशत से घटकर अब मात्र 0.52 प्रतिशत रह गई है।
भ्रष्टाचार पर प्रहार: 341 गिरफ्तारियां और कड़े कानून
भ्रष्टाचार के विरुद्ध 'कतई ना बर्दाश्त' (Zero Tolerance) की नीति को दोहराते हुए मान ने बताया कि भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर मिली शिकायतों के आधार पर अब तक 275 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसमें 16 गजेटेड अधिकारियों और 161 सरकारी कर्मचारियों समेत कुल 341 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि 'जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार एक्ट, 2008' में संशोधन के लिए बैसाखी पर विशेष सत्र बुलाया जाएगा। इस संशोधन के बाद बेअदबी के दोषियों को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान होगा।
किसानों की भलाई और पारदर्शी रजिस्ट्री
किसानों के हित में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि खेतों के नीचे से हाई टेंशन तारें डालने की योजना पर काम चल रहा है ताकि फसलों के जोखिम को कम किया जा सके। इसके अलावा 'ईजी रजिस्ट्री' पोर्टल ने तहसीलों से बिचौलिया प्रथा को खत्म कर दिया है। अब लोग राज्य के किसी भी सब-रजिस्ट्रार दफ्तर से अपनी संपत्ति रजिस्टर करवा सकते हैं और रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त कर सकते हैं।
गेहूं की खरीद पर उन्होंने आढ़तियों और किसानों को भरोसा दिया कि राज्य सरकार निर्विघ्न खरीद के लिए पूरी तरह तैयार है और उनकी जायज मांगों को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया गया है।