बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर चुनावी पारा चढ़ने लगा है। जन सुराज के प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने और भाजपा के उम्मीदवार बदलने के बाद अब नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह ने प्रशांत किशोर पर बेहद तीखा राजनीतिक हमला बोला है।
बेगूसराय के बछवाड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में गिरिराज सिंह ने प्रशांत किशोर को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रशांत किशोर को ‘फ्रॉड’ तक करार दिया और दावा किया कि बांकीपुर की जनता भाजपा के विकास कार्यों को देख रही है।
गिरिराज सिंह के ये आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं। प्रशांत किशोर या जन सुराज की ओर से इन विशेष टिप्पणियों पर तत्काल प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
Giriraj Singh On Prashant Kishor: भाजपा उम्मीदवार बदलने के सवाल पर क्या बोले?
गिरिराज सिंह से पत्रकारों ने पूछा कि क्या भाजपा ने प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने के कारण बांकीपुर में अपना उम्मीदवार बदला है?
इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा में चुनाव कोई एक उम्मीदवार नहीं, बल्कि पार्टी लड़ती है। उनके मुताबिक उम्मीदवार पार्टी का ‘प्रतीक’ होता है।
गिरिराज सिंह ने कहा कि जब पहले उम्मीदवार ने चुनाव लड़ने से इनकार किया तो पार्टी ने दूसरे उम्मीदवार को मैदान में उतार दिया। भाजपा ने अभिषेक कुमार की उम्मीदवारी वापस होने के बाद नीरज कुमार सिन्हा को प्रत्याशी बनाया है।
‘प्रशांत किशोर को मौका न मिले, इसलिए कैंडिडेट बदला’
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि भाजपा का लक्ष्य प्रशांत किशोर को बांकीपुर में कोई राजनीतिक मौका नहीं देना है।
गिरिराज सिंह ने कहा, “हमारे यहां पार्टी चुनाव लड़ती है। प्रशांत किशोर को एक मौका भी न मिले, इसके लिए कैंडिडेट बदला गया है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशांत किशोर बांकीपुर से क्यों जीतेंगे और यदि जीत भी जाते हैं तो विधानसभा में क्या करेंगे?
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर का राजनीतिक एजेंडा केवल सरकार की आलोचना करना है।
Giriraj Singh On Prashant Kishor: ‘भगवान न करें कि PK जीतकर जाएं’
प्रशांत किशोर पर हमला तेज करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, “भगवान न करें कि प्रशांत किशोर जीतकर जाएं।”
इसके बाद उन्होंने प्रशांत किशोर को ‘फ्रॉड’ बताते हुए उन पर पिछले चुनावों में उम्मीदवारी के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया। हालांकि केंद्रीय मंत्री ने अपने इस आरोप के समर्थन में बातचीत के दौरान कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया।
उन्होंने दावा किया कि इस बार जन सुराज को उम्मीदवार नहीं मिला, इसलिए प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में उतर गए।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशांत किशोर का पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाना चाहिए।
बांकीपुर के विकास को लेकर गिरिराज सिंह का दावा
गिरिराज सिंह ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा सरकार के विकास कार्यों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नली-गली, पार्क, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं पर काम किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकास को बांकीपुर की जनता देख रही है और भाजपा को प्रशांत किशोर के ‘सर्टिफिकेट’ की जरूरत नहीं है।
गिरिराज सिंह ने कहा कि बांकीपुर की जनता ने जिस नेता को विधानसभा भेजा, भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी।
उनका इशारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर था। नितिन नबीन के राज्यसभा जाने के बाद बांकीपुर सीट खाली हुई और यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।
प्रशांत किशोर पर ‘गंदगी फैलाने’ वाला बयान
गिरिराज सिंह ने अपने बयान में राजद को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता पहले से राजद के विधायकों को झेल रही है।
इसके बाद उन्होंने प्रशांत किशोर पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि यदि वह विधानसभा पहुंचे तो वहां ‘गंदगी फैलाने’ का काम करेंगे।
केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद बांकीपुर उपचुनाव की राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
Bankipur By Election 2026 में क्यों दिलचस्प हुआ मुकाबला?
बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा के मजबूत राजनीतिक क्षेत्रों में गिनी जाती रही है। लेकिन इस बार जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने खुद चुनाव मैदान में उतरकर मुकाबले को हाई-प्रोफाइल बना दिया है।
प्रशांत किशोर इसे बिहार में अपनी ‘नई राजनीति’ के संदेश से जोड़ रहे हैं। वहीं भाजपा इस सीट पर अपने संगठन, पुराने जनाधार और विकास कार्यों के सहारे चुनाव लड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
भाजपा के पहले उम्मीदवार के पीछे हटने और इसके बाद नया प्रत्याशी घोषित किए जाने पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। प्रशांत किशोर ने भी उम्मीदवार बदलने के बाद भाजपा पर राजनीतिक दबाव में होने का दावा किया था।
Giriraj Singh On Prashant Kishor से और तेज होगी सियासी लड़ाई
बांकीपुर उपचुनाव अब केवल एक विधानसभा सीट की लड़ाई तक सीमित नहीं दिख रहा। यह चुनाव भाजपा के लिए अपने मजबूत गढ़ को बचाने की चुनौती है, जबकि प्रशांत किशोर के लिए चुनावी राजनीति में सीधे जनादेश हासिल करने की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
गिरिराज सिंह के ताजा बयान से साफ है कि भाजपा प्रशांत किशोर पर आक्रामक रणनीति अपनाने के मूड में है। दूसरी ओर जन सुराज भी भाजपा के उम्मीदवार बदलने को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।
अब नजर प्रशांत किशोर और जन सुराज की प्रतिक्रिया पर होगी। चुनाव की तारीख करीब आने के साथ बांकीपुर में जुबानी हमले और राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन दोनों तेज होने की संभावना है।