मुख्य बिंदु
- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रायसेन में 'उन्नत कृषि महोत्सव 2026' के समापन सत्र को संबोधित किया।
- उन्होंने आधुनिक तकनीक, बुनियादी ढांचे और जल संरक्षण के माध्यम से भारतीय कृषि में क्रांति लाने का आह्वान किया।
- किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल अपशिष्टों से इथेनॉल, सीएनजी और अन्य उत्पादों के उत्पादन पर जोर दिया गया।
कृषि में आधुनिकता का संगम: गडकरी का विजन
भोपाल : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित 'उन्नत कृषि महोत्सव 2026' के समापन सत्र में भारतीय कृषि के भविष्य के लिए एक दूरदर्शी योजना प्रस्तुत की। उन्होंने आधुनिक तकनीक, मजबूत बुनियादी ढांचे, जल संरक्षण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के एकीकरण पर जोर देते हुए कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव का खाका खींचा।
किसानों के लिए नवाचार का मंच
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आयोजित यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय-स्तरीय कृषि उत्सव रायसेन के दशहरा मैदान में संपन्न हुआ। इस उत्सव में हजारों किसानों ने भाग लिया, जहां आधुनिक खेती के लिए नवाचारों, कृषि मशीनरी और व्यावहारिक समाधानों को प्रदर्शित किया गया। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
सड़क विकास और तकनीकी क्रांति का वादा
नितिन गडकरी ने अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान द्वारा उठाई गई मांगों के जवाब में सड़क विकास के एक नए पैकेज की घोषणा की। उन्होंने रायसेन रिंग रोड और ईस्टर्न बाईपास के प्रस्तावों को हरी झंडी देते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने और भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने की मंजूरी दी। उन्होंने क्षेत्र में सड़क से जुड़े अन्य लंबित प्रोजेक्ट्स के लिए भी पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
मंत्री गडकरी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारतीय कृषि का भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन, सैटेलाइट डेटा, ड्रोन और नैनो यूरिया जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में निहित है। उन्होंने किसानों से समय के साथ बदलते हुए ज्ञान को धन में बदलने का आग्रह किया, ताकि कम लागत पर अधिक उत्पादन हासिल किया जा सके।
अन्नदाता से ऊर्जादाता बनने की ओर
गडकरी ने किसानों की भूमिका को केवल 'अन्नदाता' तक सीमित न रखकर, उन्हें 'ऊर्जादाता' के रूप में भी देखने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि फसल के ठूंठ और बायोमास से इथेनॉल, सीएनजी, हाइड्रोजन, एविएशन फ्यूल और बिटुमेन जैसे मूल्यवान उत्पाद बनाए जा सकते हैं। इससे न केवल आयात कम होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
जल संरक्षण: 'गांव का पानी, गांव में'
जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए गडकरी ने 'बहते पानी की गति धीमी करें, चलते पानी को रोकें और रुके हुए पानी का इस्तेमाल जमीन को रिचार्ज करने के लिए करें' के सिद्धांत पर बल दिया। उन्होंने 'गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में और घर का पानी घर में' के नारे की वकालत की और भूजल रिचार्ज को बैंक में पैसे जमा करने के समान बताया।
आय वृद्धि के लिए विविधीकरण पर जोर
किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी फार्मिंग, मछली पालन और ब्लू इकॉनमी के महत्व को भी उजागर किया गया। गडकरी ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसमें प्रोसेसिंग यूनिट, कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग सुविधाएं और वैल्यू एडिशन शामिल हैं, अत्यंत आवश्यक है।
'बीज से बाजार तक' का रोडमैप
शिवराज सिंह चौहान ने 'उन्नत कृषि महोत्सव' को कृषि क्षेत्र में बदलाव के एक नए अध्याय की शुरुआत बताया। उन्होंने क्षेत्र की मिट्टी, जलवायु और संसाधनों के अनुरूप एक विस्तृत 'बीज से बाजार तक' का रोडमैप घोषित किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र को बागवानी और दालों की खेती के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
इस योजना के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक विशेष कार्यबल और राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें केंद्र और राज्य की टीमें मिलकर काम करेंगी। चौहान ने किसानों से 'किसान आईडी' बनवाने की भी अपील की, ताकि वे भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से उठा सकें। उन्होंने किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।