Delhi News: दिल्ली के बुराड़ी में करीब 9 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में देरी को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा की दिल्ली सरकार पर निशाना साधा है। AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सड़क के निर्माण के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की जरूरत है, जबकि विधायक निधि महज 5 करोड़ रुपये है। ऐसे में इस सड़क का निर्माण विधायक निधि से कराना संभव नहीं है।
बुराड़ी विधायक संजीव झा ने भी सड़क की बदहाली को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण दिल्ली सरकार और लोक निर्माण विभाग यानी PWD की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, काम में देरी के पीछे सरकार बदलने के बाद प्राथमिकताओं में बदलाव और प्रशासनिक स्तर पर हुई देरी प्रमुख वजहों में शामिल हैं।
9 किलोमीटर का है सड़क का हिस्सा
संजीव झा के मुताबिक, संबंधित सड़क करीब 9 किलोमीटर लंबी है और बुराड़ी बाईपास से हिरनकी तक जाती है। सड़क के निर्माण का काम दो चरणों में किया जाना था।
उनके अनुसार, पहले चरण का काम जून-जुलाई 2023 के आसपास शुरू हुआ और अक्टूबर 2024 में पूरा हुआ। इसके बाद लेबर चौक से बुराड़ी बाईपास तक सड़क का काम भी किया गया।
विधायक का दावा है कि इसके बाद चुनाव और सरकार में बदलाव के दौरान कुछ समय तक काम प्रभावित रहा। दूसरे चरण के काम को शुरू करने में भी कई चुनौतियां सामने आईं।
100 करोड़ की सड़क, विधायक निधि 5 करोड़
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सड़क के निर्माण पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं विधायक को पूरे विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए सालाना 5 करोड़ रुपये की विधायक निधि मिलती है।
AAP का तर्क है कि इतनी बड़ी परियोजना को विधायक निधि से पूरा नहीं किया जा सकता। इसके लिए PWD और दिल्ली सरकार के स्तर से बजट और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाना जरूरी है।
संजीव झा ने कहा कि उन्होंने सड़क के मुद्दे को विधानसभा में उठाने के साथ-साथ मंत्रियों, अधिकारियों और उपराज्यपाल समेत संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखे हैं।
सीवर के काम के बाद बढ़ी परेशानी
संजीव झा के मुताबिक, सड़क के दोनों ओर नाले हैं। सीवर बिछाने के दौरान नालों के ब्लॉक होने से जल निकासी प्रभावित हुई। इसके कारण बारिश के दौरान जलभराव की समस्या भी बढ़ गई।
उन्होंने दावा किया कि पहले मानसून से पहले नालों की सफाई का टेंडर कराया जाता था, लेकिन इस बार टेंडर प्रक्रिया जुलाई में पूरी हुई। तब तक बारिश शुरू हो चुकी थी।
AAP विधायक का आरोप है कि इस देरी का असर सड़क और आसपास के इलाकों पर पड़ा।
सड़क की मरम्मत के लिए 3 करोड़ का टेंडर
संजीव झा के मुताबिक, जल बोर्ड और PWD के साथ बैठकों के बाद सड़क के गड्ढे भरने और उसकी मजबूती से जुड़े काम के लिए करीब 3 करोड़ रुपये का टेंडर किया गया था।
हालांकि, उनके अनुसार काम शुरू होने के बाद बारिश के कारण निर्माण प्रभावित हो गया।
उन्होंने कहा कि नालों की सफाई और सड़क की मजबूती के लिए अब टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। अधिकारियों की ओर से उन्हें जल्द ही बिटुमिनस और दूसरे जरूरी कार्यों के लिए टेंडर कराने का आश्वासन दिया गया है।
बुराड़ी के साथ दूसरे इलाकों का भी मुद्दा उठाया
संजीव झा ने दावा किया कि जलभराव और सड़क की खराब स्थिति की समस्या केवल बुराड़ी तक सीमित नहीं है। उन्होंने बादली के स्वरूप नगर रोड, तिमारपुर और संगम विहार जैसे इलाकों का भी जिक्र किया।
उनका आरोप है कि दिल्ली सरकार की प्राथमिकताओं में बदलाव के कारण अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
प्रदर्शन को लेकर विधायक ने क्या कहा?
बुराड़ी की सड़क को लेकर स्थानीय स्तर पर हुए प्रदर्शन और विधायक के इस्तीफे की मांग पर संजीव झा ने कहा कि प्रदर्शन राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित था। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से सरकार पर दबाव बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए जरूरी करीब 100 करोड़ रुपये का फंड विधायक के पास नहीं, बल्कि दिल्ली सरकार और संबंधित विभाग के पास है। इसलिए दबाव सरकार और PWD पर बनाया जाना चाहिए।
तीन महीने में सड़क बनाने का दावा
संजीव झा ने कहा कि अधिकारियों ने उन्हें जल्द ही जरूरी टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिया है। उनके मुताबिक, काम शुरू होने के बाद करीब दो से तीन महीने में सड़क निर्माण पूरा करने की बात अधिकारियों ने कही है।
विधायक ने यह भी कहा कि अगर तय समय में सड़क का काम पूरा नहीं हुआ तो वह जनता के साथ मिलकर दिल्ली सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
फिलहाल सड़क निर्माण को लेकर AAP और दिल्ली सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। सड़क कब तक पूरी तरह तैयार होगी, यह आगे होने वाले टेंडर और निर्माण कार्य की गति पर निर्भर करेगा।