Delhi Metro: जामा मस्जिद स्टेशन पर संदिग्ध सामान देखकर भागने लगा यात्री, CISF ने दौड़ाकर पकड़ा

Delhi Jama Masjid Metro Station News: दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा जांच के दौरान उस समय हलचल मच गई, जब बैगेज की एक्स-रे स्क्रीनिंग में एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। इसके बाद एक यात्री ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क CISF जवानों ने पीछा कर उसे स्टेशन के एग्जिट गेट के पास पकड़ लिया। जांच के दौरान उसके अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से में एक अज्ञात अर्धठोस पदार्थ छिपा हुआ मिला। यात्री और बरामद सामान को आगे की जांच के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

Delhi के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर क्या हुआ?

यह घटना 19 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर हुई। यहां यात्रियों के सामान की नियमित सुरक्षा जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (XBIS) की स्क्रीन पर एक घनी और संदिग्ध वस्तु दिखाई दी।

स्क्रीन पर संदिग्ध वस्तु दिखने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने यात्री की गतिविधियों पर ध्यान दिया। इसी बीच यात्री ने वहां से निकलकर भागने की कोशिश की। CISF के जवान तुरंत हरकत में आए और उसका पीछा किया।

सुरक्षा कर्मियों ने तेजी दिखाते हुए यात्री को स्टेशन के एग्जिट गेट के पास पकड़ लिया। इसके बाद उसके सामान की जांच की गई। मामले में CISF की त्वरित कार्रवाई के कारण यात्री सुरक्षा जांच से बचकर नहीं निकल सका।

Delhi में अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से में छिपा था पदार्थ

CISF के मुताबिक, यात्री के सामान की आगे जांच करने पर उसके अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से में एक अज्ञात अर्धठोस पदार्थ छिपा हुआ मिला। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यात्री और बरामद सामग्री को आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बरामद पदार्थ क्या है। उसकी पहचान और उसे छिपाकर रखने के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

इस मामले में बिना आधिकारिक पुष्टि के बरामद पदार्थ को किसी नशीले पदार्थ, विस्फोटक या प्रतिबंधित सामग्री के रूप में बताना सही नहीं होगा। जांच पूरी होने के बाद ही इस बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

खुद को कुआलालंपुर में रहने वाला NRI बताया

रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए यात्री ने खुद को मलेशिया के कुआलालंपुर में रहने वाला अनिवासी भारतीय यानी NRI बताया है। हालांकि, उसकी पहचान और उसके दावे से संबंधित अन्य विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

पुलिस अब बरामद पदार्थ की प्रकृति और मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि यात्री ने संदिग्ध वस्तु को छिपाकर क्यों रखा था और वह किस उद्देश्य से मेट्रो स्टेशन पहुंचा था।

अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर उसके इरादे के बारे में कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

CISF की सतर्कता से पकड़ा गया यात्री

दिल्ली मेट्रो में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश से पहले सामान की जांच की जाती है। इस प्रक्रिया में एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे सामान के अंदर रखी वस्तुओं की जांच करने में मदद मिलती है।

जामा मस्जिद स्टेशन पर हुई इस घटना में भी स्क्रीनिंग के दौरान संदिग्ध वस्तु दिखाई देने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने कार्रवाई की। यात्री के भागने की कोशिश करने पर जवानों ने उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया।

इस घटना से पता चलता है कि सार्वजनिक परिवहन केंद्रों पर सुरक्षा जांच और जवानों की सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण है। हालांकि, बरामद पदार्थ की पहचान और मामले की पूरी परिस्थितियां सामने आने के बाद ही घटना की गंभीरता का सही आकलन किया जा सकेगा।

पुलिस कर रही है मामले की जांच

CISF ने यात्री और उसके सामान को आगे की कानूनी जांच के लिए पुलिस के हवाले कर दिया है। फिलहाल जांच का मुख्य पहलू बरामद अर्धठोस पदार्थ की पहचान करना और यह पता लगाना है कि उसे किस उद्देश्य से छिपाया गया था।

पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में कोई गैरकानूनी गतिविधि शामिल थी या नहीं। अभी उपलब्ध जानकारी में पदार्थ की प्रकृति और यात्री के इरादे की पुष्टि नहीं हुई है।

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