Vijay Kedia Portfolio: विजय केडिया के पास इस शेयर के 10.35 लाख शेयर, जानें कंपनी की पूरी कहानी
शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक Vijay Kedia एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उनकी चर्चा आशुतोष फाइबर (Ashutosh Fibre) के शेयर को लेकर हो रही है। विजय केडिया के पास इस कंपनी के 10 लाख से ज्यादा शेयर हैं। सितंबर 2026 की शेयरहोल्डिंग रिपोर्ट के मुताबिक, उनके पास कंपनी के कुल 10,35,000 शेयर हैं। यह कंपनी में उनकी 4.73 फीसदी हिस्सेदारी है।
आशुतोष फाइबर के शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद से निवेशकों की नजर इस पर बनी हुई है। कंपनी के शेयर का इश्यू प्राइस 92 रुपये था। वहीं, 29 अक्टूबर 2026 को यह शेयर NSE पर 130.10 रुपये पर बंद हुआ। ऐसे में विजय केडिया की हिस्सेदारी की कीमत करीब 13.46 करोड़ रुपये बैठती है।
Vijay केडिया के पास हैं 10.35 लाख शेयर
शेयर बाजार के जाने-माने निवेशक विजय केडिया की आशुतोष फाइबर में अच्छी हिस्सेदारी है। सितंबर 2026 की शेयरहोल्डिंग रिपोर्ट के मुताबिक, उनके पास कंपनी के 10,35,000 शेयर हैं।
कंपनी में उनकी कुल हिस्सेदारी 4.73 फीसदी है। खास बात यह है कि विजय केडिया ने ये शेयर कंपनी के IPO से पहले ही खरीदे हुए थे।
IPO आने से पहले कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 6.57 फीसदी थी। लेकिन IPO के जरिए नए शेयर जारी होने के बाद उनकी हिस्सेदारी घटकर 4.73 फीसदी रह गई।
इसका मतलब है कि उनके पास शेयरों की संख्या 10.35 लाख है, लेकिन कंपनी में उनकी हिस्सेदारी का प्रतिशत कम हुआ है।
क्या है आशुतोष फाइबर का कारोबार?
आशुतोष फाइबर गुजरात की एक कंपनी है। इसकी शुरुआत साल 1985 में हुई थी। कंपनी टेक्निकल और सिंथेटिक यार्न यानी खास तरह के धागे बनाती है।
इन धागों का इस्तेमाल कई तरह के उत्पाद बनाने में होता है। इनमें कार के सीट कवर, कारपेट, फिल्टर और आग से बचाव करने वाले कपड़े शामिल हैं।
कंपनी के उत्पादों का इस्तेमाल औद्योगिक जरूरतों में भी किया जाता है। इसके अलावा PPE किट और सुरक्षा से जुड़े कपड़े बनाने में भी इनका इस्तेमाल होता है।
कंपनी भारत के अलावा विदेशों में भी अपना सामान बेचती है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की कुल कमाई में एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी करीब 39 फीसदी रही। चीन कंपनी का सबसे बड़ा विदेशी बाजार है।
IPO के बाद शेयर ने कैसा प्रदर्शन किया?
आशुतोष फाइबर का IPO 31 अगस्त 2026 को खुला था और 2 सितंबर तक निवेश के लिए उपलब्ध था।
कंपनी ने IPO के लिए 87 से 92 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। इसका इश्यू प्राइस 92 रुपये रखा गया था।
कंपनी के शेयर 7 सितंबर 2026 को शेयर बाजार में लिस्ट हुए। शेयर की लिस्टिंग 140 रुपये पर हुई थी। लिस्टिंग के दिन यह बढ़कर 147 रुपये पर बंद हुआ।
इसके बाद शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 29 अक्टूबर को शेयर 130.10 रुपये पर बंद हुआ।
30 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे के उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, शेयर 132.75 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
IPO को मिला था 124 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन
आशुतोष फाइबर के IPO को निवेशकों की तरफ से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। कंपनी का IPO कुल 124.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इसमें रिटेल निवेशकों की कैटेगरी में 131.77 गुना बोली लगी थी। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की कैटेगरी 267.47 गुना सब्सक्राइब हुई थी।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स की कैटेगरी में भी 76.4 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
कंपनी ने IPO के जरिए करीब 56 करोड़ रुपये जुटाए थे।
कंपनी के मुनाफे में हुई बढ़ोतरी
आशुतोष फाइबर के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की कुल आय 117.43 करोड़ रुपये रही। वहीं, वित्त वर्ष 2025 में यह 114.97 करोड़ रुपये थी।
मुनाफे की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने टैक्स चुकाने के बाद 16.04 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 8.51 करोड़ रुपये था।
यानी एक साल में कंपनी का मुनाफा करीब 88 फीसदी बढ़ा।
कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन उसके कारोबार, लागत और बाजार की मांग पर निर्भर करेगा।
शेयर में निवेश से पहले इन जोखिमों को समझें
आशुतोष फाइबर एक SME कंपनी है। ऐसे शेयरों में निवेश करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
पहली बात, कंपनी की कमाई कुछ बड़े ग्राहकों पर निर्भर है। वित्त वर्ष 2026 में उसके सबसे बड़े ग्राहक का कुल रेवेन्यू में करीब 21.8 फीसदी योगदान था। टॉप 10 ग्राहकों का योगदान करीब 69 फीसदी रहा।
दूसरी बात, कंपनी के कारोबार पर कच्चे माल की कीमतों का असर पड़ सकता है। अगर उत्पादन की लागत बढ़ती है, तो कंपनी के मुनाफे पर दबाव आ सकता है।
तीसरी बात, SME शेयरों में कई बार खरीदने और बेचने वालों की संख्या कम होती है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर शेयर बेचना मुश्किल हो सकता है।
इसके अलावा शेयर की कीमत में तेजी और गिरावट भी काफी तेज हो सकती है।
क्या विजय केडिया की हिस्सेदारी देखकर खरीदना चाहिए शेयर?
विजय केडिया जैसे बड़े निवेशक की किसी कंपनी में हिस्सेदारी होना निवेशकों के लिए चर्चा का विषय जरूर बनता है। लेकिन सिर्फ किसी बड़े निवेशक के पोर्टफोलियो को देखकर शेयर खरीदना सही फैसला नहीं माना जा सकता।
निवेश से पहले कंपनी की कमाई, कर्ज, कारोबार, शेयर की कीमत और भविष्य की संभावनाओं को समझना जरूरी है।
आशुतोष फाइबर के मामले में भी निवेशकों को कंपनी के वित्तीय नतीजों और शेयर की चाल पर नजर रखनी चाहिए।
ध्यान रहे कि विजय केडिया की हिस्सेदारी सितंबर 2026 की शेयरहोल्डिंग रिपोर्ट पर आधारित है। यह जानकारी अपने आप में शेयर खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।
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