मुहूर्त ट्रेडिंग: पिछले 10 साल में 8 बार बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानें बाजार का इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में रविवार, 8 नवंबर को नए संवत 2083 की शुरुआत के साथ मुहूर्त ट्रेडिंग का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। दीपावली के अवसर पर होने वाले इस पारंपरिक कारोबार को निवेशकों के लिए शुभ माना जाता है। इस बार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में एक घंटे का विशेष ट्रेडिंग सत्र आयोजित होगा। खास बात यह है कि पिछले 10 मुहूर्त ट्रेडिंग सत्रों में से आठ बार भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए हैं।

ऐतिहासिक आंकड़ों के मुताबिक, 2016 और 2017 में दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद लगातार आठ वर्षों तक मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बाजार में तेजी देखने को मिली। हालांकि, ज्यादातर वर्षों में यह बढ़त एक प्रतिशत से कम रही। ऐसे में इस बार भी निवेशकों की नजर बाजार की चाल और नए संवत की शुरुआत पर रहेगी।

8 नवंबर को होगा मुहूर्त ट्रेडिंग का विशेष सत्र

बीएसई और एनएसई की ओर से 8 नवंबर को दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा। यह सत्र नए हिंदू वित्तीय वर्ष यानी संवत 2083 की शुरुआत का प्रतीक है।

भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। दीपावली के अवसर पर निवेशक और कारोबारी इस विशेष सत्र में प्रतीकात्मक रूप से शेयर खरीदते और बेचते हैं। इसे नए वित्तीय वर्ष की सकारात्मक शुरुआत और समृद्धि की कामना से जोड़कर देखा जाता है।

मुहूर्त ट्रेडिंग का समय सामान्य कारोबारी सत्र से अलग होता है। इस दौरान बाजार में सीमित समय के लिए कारोबार होता है और निवेशकों की भागीदारी भी खास रहती है।

पिछले 10 वर्षों में निफ्टी का कैसा रहा प्रदर्शन?

पिछले 10 मुहूर्त ट्रेडिंग सत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो निफ्टी ने आठ बार सकारात्मक रिटर्न दिया है। साल 2016 और 2017 में बाजार में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन 2018 से तेजी का सिलसिला शुरू हुआ।

निफ्टी के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर नजर डालें तो तस्वीर कुछ इस तरह रही:

  1. 2016: निफ्टी में 0.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
  2. 2017: सूचकांक 0.63 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ।
  3. 2018: निफ्टी ने 0.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।
  4. 2019: बाजार में 0.37 प्रतिशत की तेजी रही।
  5. 2020: निफ्टी 0.47 प्रतिशत चढ़ा।
  6. 2021: सूचकांक में 0.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
  7. 2022: निफ्टी ने 1 प्रतिशत की मजबूत तेजी दिखाई।
  8. 2023: सूचकांक 0.5 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।
  9. 2024: निफ्टी में 0.4 प्रतिशत की बढ़त रही।
  10. 2025: बाजार करीब 0.1 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ बंद हुआ।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले आठ मुहूर्त ट्रेडिंग सत्रों में निफ्टी लगातार सकारात्मक रिटर्न देने में सफल रहा है। हालांकि, यह प्रदर्शन भविष्य में बाजार की दिशा की गारंटी नहीं देता।

सेंसेक्स ने भी आठ बार दिया सकारात्मक रिटर्न

मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स का प्रदर्शन भी निफ्टी के लगभग समान रहा है। पिछले 10 वर्षों में सेंसेक्स आठ बार बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि 2016 और 2017 में इसमें गिरावट दर्ज की गई थी।

सालाना आंकड़ों के मुताबिक, 2016 में सेंसेक्स 0.04 प्रतिशत और 2017 में 0.59 प्रतिशत गिरा था। इसके बाद 2018 में सूचकांक ने 0.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की।

वहीं, 2019 में सेंसेक्स 0.49 प्रतिशत और 2020 में 0.45 प्रतिशत चढ़ा था। 2021 में इसमें 0.5 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि 2022 में सेंसेक्स 0.87 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

इसके बाद भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। 2023 में सेंसेक्स ने 0.54 प्रतिशत और 2024 में 0.42 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। वहीं, 2025 के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में सेंसेक्स करीब 0.07 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ बंद हुआ।

2025 में मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था शेयर बाजार

पिछले साल यानी 2025 के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही थी। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी देखने को मिली और दोनों सूचकांक उस समय के अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए थे।

हालांकि, कारोबार आगे बढ़ने के साथ बाजार ने अपनी शुरुआती बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया। इसके बावजूद दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद होने में सफल रहे।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 63 अंक यानी करीब 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,426 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 25 अंक यानी लगभग 0.1 प्रतिशत चढ़कर 25,868 के स्तर पर पहुंच गया था।

क्या इस बार भी तेजी के साथ खुलेगा नए संवत का बाजार?

मुहूर्त ट्रेडिंग को भारतीय शेयर बाजार में एक खास परंपरा के रूप में देखा जाता है। पिछले आठ वर्षों के सकारात्मक आंकड़े निवेशकों का ध्यान जरूर आकर्षित करते हैं, लेकिन केवल ऐतिहासिक प्रदर्शन के आधार पर बाजार की अगली चाल का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।

बाजार की दिशा पर घरेलू और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, कंपनियों के नतीजों, ब्याज दरों, विदेशी निवेश और निवेशकों की धारणा जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।

ऐसे में संवत 2083 की शुरुआत पर निवेशकों की नजर सेंसेक्स और निफ्टी के प्रदर्शन पर रहेगी। रविवार को होने वाला विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र नए संवत के पहले कारोबारी संकेत देगा। निवेशकों के लिए यह सत्र परंपरा के साथ-साथ बाजार की गतिविधियों को समझने का भी अवसर होगा।

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