Satyendar Jain Arrest : दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने बुधवार को बीजेपी पर निशाना साधते हुए गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताया।
प्रियंका कक्कड़ का दावा है कि जिस टेंडर में अनियमितता के आरोप लगाए जा रहे हैं, उस समय सत्येंद्र जैन जेल में थे। उन्होंने यह भी कहा कि जिस 1,586 करोड़ रुपये के टेंडर का जिक्र किया जा रहा है, वह वास्तव में हुआ ही नहीं था।
AAP ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ किया जा रहा है। हालांकि, ये सभी आरोप आम आदमी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं।
प्रियंका कक्कड़ ने गिरफ्तारी पर क्या कहा?
AAP मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि सत्येंद्र जैन को मई 2022 में गिरफ्तार किया गया था, जबकि जिस टेंडर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह अक्टूबर 2022 का है।
उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान सत्येंद्र जैन पर पैसे, किकबैक या कमीशन लेने का आरोप नहीं लगाया गया है। प्रियंका कक्कड़ के मुताबिक, चार्जशीट में भी सत्येंद्र जैन का नाम नहीं है।
AAP प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर पार्टी ने कई सवाल उठाए हैं और इन्हीं सवालों के जवाब जांच एजेंसियों से मांगे जा रहे हैं।
1,586 करोड़ के टेंडर को लेकर AAP ने क्या दावा किया?
प्रियंका कक्कड़ के मुताबिक, दिल्ली में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों और इंजीनियरों के साथ चर्चा हुई थी। इस दौरान करीब 1,586 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि सामने आई थी।
AAP का दावा है कि इस राशि पर कोई टेंडर जारी नहीं हुआ था। पार्टी के मुताबिक, बाद में अक्टूबर 2022 में करीब 1,971 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ।
प्रियंका कक्कड़ ने इसी अंतर को लेकर सवाल उठाया। उनका कहना है कि अगर 1,971 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ और उस पर सवाल नहीं उठाया जा रहा, तो 1,586 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि को घोटाले से कैसे जोड़ा जा सकता है।
यह AAP की ओर से रखा गया पक्ष है। मामले में जांच एजेंसियों का पक्ष इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
पंजाब चुनाव से पहले AAP ने साधा BJP पर निशाना
प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि पंजाब में चुनाव नजदीक हैं और ऐसे समय में जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की राजनीति का मुकाबला नहीं कर पा रही है, इसलिए एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता जांच से डरने वाले नहीं हैं और पार्टी राजनीतिक लड़ाई को जनता के मुद्दों के आधार पर लड़ती रहेगी।
AAP ने जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल
प्रियंका कक्कड़ ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्येंद्र जैन ने जांच में सहयोग किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि एजेंसियों की ओर से गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप नहीं लगाया गया है।
AAP प्रवक्ता ने दावा किया कि इस मामले में बड़ी संख्या में दस्तावेज मौजूद हैं और उनमें सत्येंद्र जैन के हस्ताक्षर तक नहीं हैं।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस उपलब्ध सामग्री से नहीं होती है। इसलिए मामले में अदालत और जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।
27 महीने बाद गिरफ्तारी पर भी सवाल
प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि इस मामले में 10 मई 2024 को FIR दर्ज हुई थी और इसके करीब 27 महीने बाद सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय के बाद हुई गिरफ्तारी को लेकर भी सवाल उठते हैं। AAP के मुताबिक, सत्येंद्र जैन पहले भी जांच में सहयोग करते रहे हैं।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सत्येंद्र जैन के पंजाब के सह-प्रभारी होने के कारण उनकी गिरफ्तारी का राजनीतिक असर हो सकता है।
अब नजर अदालत की अगली सुनवाई पर
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के मामले में अब अदालत की कार्यवाही पर नजर है। प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है और पार्टी को न्याय मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल इस पूरे मामले में AAP और जांच एजेंसियों के दावों के बीच अदालत का रुख अहम रहेगा। जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि टेंडर से जुड़े आरोपों में सत्येंद्र जैन की भूमिका को लेकर एजेंसियों के पास क्या सबूत हैं।