CM Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि राज्य अब केवल आबादी या कृषि के लिए ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है। सरकार के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में निवेश बढ़ा है और मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
सरकार ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर साझा की गई जानकारी में दावा किया है कि उत्तर प्रदेश अब भारत की टेक्नोलॉजी आधारित औद्योगिक विकास यात्रा का अहम केंद्र बनकर उभर रहा है।
CM Yogi Adityanath के नेतृत्व में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर सरकार का जोर
सरकारी पोस्ट के अनुसार, राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए लगातार नीतिगत फैसले लिए गए हैं। सरकार का दावा है कि इन प्रयासों के चलते मोबाइल फोन निर्माण से लेकर इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, सेमीकंडक्टर, AI, ड्रोन, ऑटोमेशन और इंडस्ट्री 4.0 जैसी उभरती तकनीकों में उत्तर प्रदेश की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
सरकार के मुताबिक इसका उद्देश्य राज्य को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनाना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
सरकार के मुताबिक ये हैं प्रमुख उपलब्धियां
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी पोस्ट में कई महत्वपूर्ण आंकड़े भी साझा किए हैं। सरकार का दावा है कि:
- भारत में बनने वाले करीब 65% मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश में तैयार किए जाते हैं।
- देश के लगभग 55% इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण भी उत्तर प्रदेश में होता है।
- इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 75 से अधिक कंपनियों ने 28,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है।
- सेमीकंडक्टर सेक्टर में 32,146 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई है।
- राज्य में AI, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन और इंडस्ट्री 4.0 जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से काम आगे बढ़ रहा है।
रोजगार और निवेश बढ़ाने पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक उद्योगों में बढ़ता निवेश केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं। इसके लिए औद्योगिक पार्क, बेहतर बुनियादी ढांचा, निवेश अनुकूल नीतियां और कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी जोर दिया जा रहा है।
सरकारी दावे के अनुसार, बड़े निवेश से राज्य में सप्लाई चेन मजबूत होगी और उत्तर प्रदेश वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नेटवर्क में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा।
भारत के टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में यूपी का दावा
केंद्र और राज्य सरकारें पिछले कुछ वर्षों से देश में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू कर रही हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि राज्य अब मोबाइल निर्माण से आगे बढ़कर सेमीकंडक्टर और नई तकनीकों के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है।
हालांकि, सरकार द्वारा साझा किए गए निवेश और उत्पादन से जुड़े आंकड़े आधिकारिक पोस्ट पर आधारित हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।