सहारनपुर में जर्जर मकान की छत गिरने से 23 वर्षीय दिव्यांग युवती की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि घटना की खबर फैलते ही गांव में शोक का माहौल बन गया।
मृतका की पहचान ज्योति के रूप में हुई है। बताया गया है कि ज्योति दोनों पैरों से दिव्यांग थी। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
Saharanpur Roof Collapse: अचानक गिरी जर्जर मकान की छत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी ओमवीर की 23 वर्षीय बेटी ज्योति मकान में मौजूद थी। इसी दौरान जर्जर मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई।
हादसे में ज्योति मलबे की चपेट में आ गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में युवती की मौत हो गई।
ज्योति के दोनों पैर दिव्यांग बताए गए हैं। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया।
23 वर्षीय ज्योति की मौत से गांव में शोक
Saharanpur Roof Collapse की सूचना गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। 23 वर्षीय युवती की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
वहीं, हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों के बीच जर्जर मकानों की स्थिति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
तहसीलदार और पुलिस टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलने के बाद तहसीलदार पुष्पांकर देव राजस्व विभाग की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाई।
राजस्व टीम ने भी मौके की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
Saharanpur Roof Collapse की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
फिलहाल पुलिस हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। पोस्टमार्टम और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जर्जर मकानों की सुरक्षा पर फिर उठा सवाल
सहारनपुर में हुए इस हादसे ने जर्जर मकानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। कमजोर और पुराने भवनों की छत गिरने से जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहता है।
खासकर बारिश के मौसम में पुराने मकानों की दीवारों और छतों में नमी बढ़ने से उनकी मजबूती प्रभावित हो सकती है। ऐसे में भवन की स्थिति संदिग्ध होने पर तकनीकी जांच और जरूरी मरम्मत महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल ज्योति की मौत से परिवार सदमे में है। पुलिस और राजस्व विभाग हादसे से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई में जुटे हैं।