Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि उनकी सरकार नौजवानों को अपने पैरों पर खड़े होने के योग्य बनाने के लिए पंजाब की शिक्षा प्रणाली में बदलाव कर रही है और रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (PTU), कपूरथला के 14वें कन्वोकेशन समारोह में उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य नौकरी खोजने वालों को नौकरी देने वाला बनाना है।

मुख्यमंत्री ने समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां बांटीं। उन्होंने कहा कि डिग्री केवल कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि ऐसा सर्टिफिकेट है जो नौजवानों को सपनों को हकीकत में बदलने का अवसर देता है।

Punjab News: सरकारी नौकरियों और शिक्षा पर मान के दावे

मान ने दावा किया कि सरकार ने सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करने के साथ-साथ मेरिट के आधार पर 70,000 सरकारी नौकरियां दी हैं। भाषण के दूसरे हिस्से में उन्होंने यह संख्या 70,685 बताई और कहा कि ये नौकरियां बिना पैसे, सिफारिश या पक्षपात के दी गई हैं।

उनके अनुसार, पिछली सरकारें शिक्षा और रोजगार के मोर्चे पर नौजवानों के लिए अवसर पैदा करने में असफल रहीं, जिस कारण बहुत से युवाओं को विदेशों की ओर देखना पड़ा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार चाहती है कि पंजाब के युवा राज्य में ही सफल करियर बना सकें।

मुख्यमंत्री ने नीति आयोग का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब वर्ष 2022 से पहले 27वें स्थान पर था और अब शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इसका श्रेय स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार, शिक्षण स्तर को मजबूत करने और सभी विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के प्रयासों को दिया। ये सभी आंकड़े और दावे मुख्यमंत्री के बयान पर आधारित हैं।

शिक्षा प्रणाली में क्या बदलाव गिनाए गए

मान के मुताबिक, सरकार ने गुणवत्ता, पहुंच, आधुनिक बुनियादी ढांचे और व्यावहारिक हुनर पर जोर देते हुए शिक्षा प्रणाली में बदलाव किए हैं। उन्होंने बताया कि सुधारों को ठीक से लागू करने के लिए शिक्षा के तीनों विंगों में एक ही मंत्री के अधीन बेहतर तालमेल बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने ये बातें भी कहीं:

  • सरकारी स्कूलों को फर्नीचर, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक साइंस लैब से लैस किया जा रहा है।
  • नए कोर्स विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों और नए जमाने के करियर के लिए तैयार कर रहे हैं।
  • शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियां सीखने के लिए सिंगापुर और फिनलैंड भेजा गया है।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य उभरती तकनीकें विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोल रही हैं।

उन्होंने कहा कि सामान्य परिवारों के 882 विद्यार्थियों का नीट परीक्षा में सफल होना बताता है कि प्रतिभा केवल विशेषाधिकार प्राप्त लोगों तक सीमित नहीं है। मान ने यह भी कहा कि सरकार ने अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के भुगतान में एक सेमेस्टर की भी देरी नहीं होने दी।

नशा तस्करी पर भाजपा को चुनौती

कन्वोकेशन में मान ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग नशे की समस्या को लेकर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पहले इससे निपटने में अपनी नाकामी के लिए जवाबदेह होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को चुनौती दी कि वह स्पष्ट करे कि केंद्र और गुजरात दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद गुजरात और देश के अन्य हिस्सों के बंदरगाहों के रास्ते नशे की सप्लाई कैसे जारी रही। उन्होंने कहा कि पंजाब किसी को यह इजाजत नहीं देगा कि राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को अनदेखा कर राज्य की छवि खराब की जाए। ये मुख्यमंत्री के आरोप हैं, जिन पर भाजपा या केंद्र की प्रतिक्रिया उपलब्ध सामग्री में नहीं है।

विद्यार्थियों से मान की अपील

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, हुनर और उद्यमी भावना का इस्तेमाल रंगला पंजाब बनाने में करने को कहा। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए उन्होंने बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करने की सलाह दी। पंजाबी कवि अवतार पाश की पंक्तियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुश्किलों के सामने सपने नहीं छोड़ने चाहिए।

सरकार की भूमिका समझाते हुए मान ने कहा कि सरकार हवाई अड्डे के रनवे की तरह है, जो उड़ान के लिए मंच देती है, लेकिन ऊंचाइयों तक पहुंचना युवाओं पर निर्भर है। उन्होंने विद्यार्थियों से जड़ों से जुड़े रहने और उन लोगों की मदद करने की अपील की, जिन्हें अवसर नहीं मिल पाते।

हॉकी खिलाड़ियों का सम्मान

समारोह में मुख्यमंत्री ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के छह खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इनमें कप्तान हरमनप्रीत सिंह, जर्मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, मनदीप सिंह, जुगराज सिंह और सुखजीत सिंह शामिल थे।

मान ने कहा कि पंजाब का खेलों में गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के लिए राज्य की तैयारियों का भी जिक्र किया और इसे पंजाब की खेल संस्कृति और संगठनात्मक क्षमता दिखाने का अवसर बताया। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. अरविंद कुमार बंसल भी कार्यक्रम में मौजूद थे।