Punjab News : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में पेपर लीक को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला बोला। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में 68,855 युवाओं को बिना सिफारिश और बिना रिश्वत के केवल मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल पंजाब के युवाओं की मेहनत और प्रतिभा को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल की प्रतिक्रिया इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।
Punjab News: संसद में नेताओं से मुलाकात के बाद दिया बयान
मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार को संसद पहुंचे, जहां उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य सांसदों से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए।
इसी दौरान उन्होंने पंजाब में भर्ती परीक्षाओं को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर अपनी सरकार का पक्ष रखा।
'साढ़े चार साल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ'
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि उनकी सरकार के लगभग साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक की घटना नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में फार्मेसी भर्ती परीक्षा के दौरान चीटिंग की कोशिश का मामला सामने आया था। उनके अनुसार, परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर प्रशासन को ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने की जानकारी मिल गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 10 अभ्यर्थियों और बाहर मौजूद 11 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह पेपर लीक का मामला नहीं था, बल्कि नकल कराने की कोशिश थी, जिसे समय रहते रोक दिया गया और परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा था परीक्षा का मामला
विपक्ष द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित फार्मेसी परीक्षा शिक्षा विभाग नहीं बल्कि स्वास्थ्य विभाग के अधीन आयोजित की गई थी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री भी स्पष्ट कर चुके हैं कि पेपर लीक नहीं हुआ था और केवल कथित चीटिंग की कोशिश हुई थी, जिस पर तत्काल कार्रवाई की गई।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद उनसे रखे जा सकते हैं, लेकिन पंजाब के युवाओं की मेहनत और प्रतिभा पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया 'नो कैश, नो फरमाइश, केवल मेरिट' के सिद्धांत पर संचालित की जा रही है और भ्रष्टाचार तथा नकल पर सख्त कार्रवाई की जाती है।