Punjab का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर गुरविंदर उर्फ अफरीदी इथियोपिया से भारत लाया गया, 10 महीने से थी तलाश
चंडीगढ़: Punjab पुलिस को गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से डोनी बाल-प्रभ दासूवाल गैंग के प्रमुख सरगना गुरविंदर उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से भारत लाने में सफलता हासिल की है। आरोपी पिछले काफी समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और उसकी तलाश के लिए करीब 10 महीने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाया जा रहा था। पंजाब पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई को 'ऑपरेशन शहीद' नाम दिया था।
पुलिस के मुताबिक, गुरविंदर उर्फ अफरीदी विदेश में बैठकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहा था। उस पर टारगेट किलिंग, रंगदारी के लिए फायरिंग और संगठित अपराध से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। आरोपी को भारत लाने के लिए पंजाब पुलिस ने कई देशों में खुफिया जानकारी जुटाई और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर उसकी लोकेशन का पता लगाया।
10 महीने की तलाश के बाद इथियोपिया से भारत लाया गया गैंगस्टर
पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गुरविंदर उर्फ अफरीदी को पकड़ने के लिए पिछले 10 महीनों से लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
इस अभियान में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के साथ काउंटर इंटेलिजेंस पंजाब की ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल और केंद्रीय एजेंसियां शामिल थीं। विभिन्न देशों में खुफिया सूचनाएं जुटाने और निगरानी के बाद आरोपी की लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद उसे इथियोपिया से भारत डिपोर्ट कराया गया।
पंजाब पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का परिणाम है। विदेश में छिपकर आपराधिक गतिविधियां संचालित करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।
Punjab: 'ऑपरेशन शहीद' के तहत कई देशों में जुटाई गई खुफिया जानकारी
गुरविंदर उर्फ अफरीदी को भारत लाने के लिए पंजाब पुलिस ने विशेष अभियान चलाया था। इस अभियान को 'ऑपरेशन शहीद' नाम दिया गया। पुलिस की टीमों ने आरोपी की तलाश के लिए एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कई देशों में खुफिया जानकारी जुटाई।
इस कार्रवाई में एजीटीएफ और काउंटर इंटेलिजेंस पंजाब की विशेष टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बनाकर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
पंजाब पुलिस ने इस अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में सहयोग के लिए विदेश मंत्रालय और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का आभार जताया है। पुलिस का कहना है कि विदेश में छिपकर पंजाब में आपराधिक नेटवर्क चलाने वाले लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
टारगेट किलिंग और रंगदारी के लिए फायरिंग कराने का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गुरविंदर उर्फ अफरीदी विदेश में रहकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहा था। उस पर टारगेट किलिंग, रंगदारी के लिए फायरिंग और संगठित आपराधिक नेटवर्क चलाने के आरोप हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, विदेश में बैठे गैंगस्टर स्थानीय स्तर पर अपने संपर्कों के माध्यम से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। रंगदारी वसूलने के लिए लोगों को धमकाना और फायरिंग जैसी घटनाओं के जरिए दहशत फैलाना भी इन नेटवर्क की कार्यशैली का हिस्सा बताया गया है।
गुरविंदर उर्फ अफरीदी की गिरफ्तारी के लिए पंजाब सरकार की ओर से पांच लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा सकती है।
Punjab में हथियार और ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क पर भी कार्रवाई
पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों पर भी शिकंजा कसा है।
इससे पहले 3 नवंबर को पुलिस ने तीन अलग-अलग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 12 अवैध पिस्टल, दो हैंड ग्रेनेड, 310.10 ग्राम हेरोइन और 33 कारतूस बरामद किए थे।
डीजीपी की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला था कि गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे अपने हैंडलरों और गैंगस्टरों के संपर्क में थे। इन संपर्कों के माध्यम से पंजाब में अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप पहुंचाई जाती थी।
ड्रोन के जरिए पंजाब में भेजे जा रहे थे हथियार और नशीले पदार्थ
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया था कि विदेश में बैठे हैंडलरों की मदद से ड्रोन के जरिए पंजाब में अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप भेजी जाती थी। इसके बाद इन सामानों को आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों तक पहुंचाया जाता था।
जांच में आरोपियों पर हथियारों के दम पर लोगों को डराने-धमकाने और रंगदारी वसूलने के लिए घरों तथा दुकानों पर फायरिंग करने के आरोप भी सामने आए थे।
पुलिस के मुताबिक, ऐसी घटनाओं का मकसद लोगों में डर पैदा करना और उन्हें रंगदारी देने के लिए मजबूर करना था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही थी।
गैंगस्टर नेटवर्क खत्म करने के लिए अभियान जारी
पंजाब पुलिस का कहना है कि राज्य में संगठित अपराध, गैंगस्टर नेटवर्क और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। पुलिस का लक्ष्य विदेश में बैठकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले आरोपियों और उनके स्थानीय सहयोगियों पर कार्रवाई करना है।
गुरविंदर उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से भारत लाना इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है। अब आरोपी से पूछताछ के दौरान उसके आपराधिक नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और पंजाब में सक्रिय सहयोगियों से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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