मुख्य बिंदु

  • 9 मई को मोहाली की सभी अदालतों में लगेगी नेशनल लोक अदालत।
  • राजीनामा योग्य आपराधिक, चेक बाउंस, बैंक रिकवरी और अन्य सिविल मामले सुने जाएंगे।
  • लोक अदालत के फैसले अंतिम होते हैं और कोर्ट फीस वापसी का प्रावधान है।

मोहाली में न्याय की ओर एक महत्वपूर्ण कदम: 9 मई को लगेगी नेशनल लोक अदालत

नेशनल लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, नई दिल्ली द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मोहाली जिले में 9 मई को एक बड़ी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज, एस.ए.एस. नगर, श्री अतुल कसाना के कुशल नेतृत्व में होगा, जिसका उद्देश्य लंबित कानूनी मामलों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान प्रदान करना है।

किन मामलों का होगा निपटारा?

इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के वे मामले सुने जाएंगे जिनमें पक्षकार आपसी समझौते के लिए तैयार हों। इनमें राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, चेक बाउंस से जुड़े मामले, बैंक रिकवरी से संबंधित वाद, वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) के मामले, श्रम संबंधी झगड़े, जमीन खरीद से जुड़े विवाद, बिजली और पानी के बिलों के भुगतान संबंधी मामले, राजस्व विभाग के केस और अन्य सभी प्रकार के दीवानी मामले शामिल हैं।

अधिकारियों के साथ सक्रिय बैठकें जारी

इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने के लिए, डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज-कम-चेयरपर्सन, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, एस.ए.एस. नगर, श्री अतुल कसाना, केंद्रीय और पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ नियमित रूप से बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में टेलीकॉम डिपार्टमेंट, बैंक, बीमा कंपनियां, बिजली विभाग, और जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी शामिल हैं। श्री कसाना ने इन अधिकारियों से अपील की है कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित लंबित मामलों को 9 मई को होने वाली नेशनल लोक अदालत के माध्यम से हल करवाने का प्रयास करें।

बिना दायर मामलों का भी होगा समाधान

यह भी बताया गया है कि ऐसे मामले जो अभी तक किसी भी अदालत में दायर नहीं हुए हैं, लेकिन ऊपर बताई गई श्रेणियों में आते हैं, उन्हें भी इस लोक अदालत में प्रस्तुत करके समाधान प्राप्त किया जा सकता है। यह उन नागरिकों के लिए एक उत्कृष्ट अवसर है जो कानूनी प्रक्रिया की जटिलताओं से बचना चाहते हैं।

लोक अदालत के लाभ

इस अवसर पर, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, एस.ए.एस. नगर की सेक्रेटरी, श्रीमती अमनदीप कौर ने लोक अदालतों के कई फायदों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मामलों के निपटारे के बाद, वादियों द्वारा जमा की गई कोर्ट फीस उन्हें वापस कर दी जाती है। इसके अतिरिक्त, लोक अदालत द्वारा दिए गए फैसले अंतिम होते हैं और उनके खिलाफ किसी भी उच्च न्यायालय में अपील दायर नहीं की जा सकती, जिससे मामले का पूर्ण और अंतिम समाधान सुनिश्चित होता है।