लखनपुर: शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं, NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लखनपुर ने गुरुवार को पैदल मार्च निकाला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मार्च के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए तीन प्रमुख मांगें रखीं और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
यह पैदल मार्च स्थानीय कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर बस स्टैंड होते हुए माता कर्मा चौक स्थित हनुमान मंदिर तक निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Lakhanpur Congress Protest में उठीं तीन प्रमुख मांगें
कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई।
- NEET पेपर लीक मामले पर संसद में चर्चा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
कांग्रेस का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने लगाए ये आरोप
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित सिंहदेव ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिविल ड्रेस में मौजूद कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की।
अमित सिंहदेव ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य सांसदों को जबरन हिरासत में लिया गया। उनके अनुसार, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे मामलों से छात्रों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हुआ है। पार्टी ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें और संसद में इस पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
पैदल मार्च के समापन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन छात्रों के हितों और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर है।